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आशा कार्यकत्रियों ने हक के लिए भरी हुंकार
Mirzapur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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चुनार। विकास खंड नरायनपुर के सभागार में विंध्याचल मंडल की आशा कार्यकत्रियों ने भारतीय मजदूर संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले अपने हक के लिए हुंकार भरी। मंडलीय सम्मेलन में आशाओं ने अपने साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज बुलंद किया। शुक्रवार को हुए मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित बारह सूत्रीय मांगपत्र को खंड विकास अधिकारी नरायनपुर एवं सीएमओ को सौंप समस्याओं के निदान की मांग की।
सम्मेलन में मिर्जापुर, सोनभद्र एवं संतरविदास नगर से आयी सैंकड़ाें आशा कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमापति सिंह यादव ने कहा कि वह अपने हक के लिए आरपार की लड़ाई के लिए कमर कस कर तैयार हो जाएं। श्री यादव ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशा कार्यकत्री के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं और उनके पैसे के भुगतान के समय कमीशन की मांग करते हैं। सरकार से मांग की कि आशा कार्यकत्री को भी सरकारी स्वास्थ्य सेविका के रुप में नियुक्त किया जाए और उनका न्यूनतम वेतन दस हजार प्रतिमाह किया जाय। जब तक यह नहीं होता सभी आशाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री की भांति 3200 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
जिलाध्यक्ष कंचन मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी आशाओं का शोषण करते है और समय से उन्हें मिलने वाला परिश्रमिक भी नहीं देते। जिलामंत्री सुमन कुमारी ने कहा कि आशाओं को पूरे साल लगातार कार्य दिया जाए। साथ ही टीकाकरण, पोलियो एवं बच्चों की देखरेख में मिलने वाले पारिश्रमिक में कोई कटौती न की जाए।
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सम्मेलन की अध्यक्षता कंचन मिश्रा और संचालन हेमलता ने किया। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष गंगा विष्णु शुक्ला, कामता प्रसाद, अशोक मिश्र, ज्ञानेंद्र पंाडेय, सरोजपाल, विन्दो देवी, राजकुमारी, निर्मला, सीता देवी, शीला देवी, सीमा, सुमन देवी, रेखा व शकुंतला सहित विध्याचल मंडल के तीनों जनपदों से आई सैंकड़ाें आशाओं ने भाग लिया।
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सम्मेलन में मिर्जापुर, सोनभद्र एवं संतरविदास नगर से आयी सैंकड़ाें आशा कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमापति सिंह यादव ने कहा कि वह अपने हक के लिए आरपार की लड़ाई के लिए कमर कस कर तैयार हो जाएं। श्री यादव ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशा कार्यकत्री के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं और उनके पैसे के भुगतान के समय कमीशन की मांग करते हैं। सरकार से मांग की कि आशा कार्यकत्री को भी सरकारी स्वास्थ्य सेविका के रुप में नियुक्त किया जाए और उनका न्यूनतम वेतन दस हजार प्रतिमाह किया जाय। जब तक यह नहीं होता सभी आशाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री की भांति 3200 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
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जिलाध्यक्ष कंचन मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी आशाओं का शोषण करते है और समय से उन्हें मिलने वाला परिश्रमिक भी नहीं देते। जिलामंत्री सुमन कुमारी ने कहा कि आशाओं को पूरे साल लगातार कार्य दिया जाए। साथ ही टीकाकरण, पोलियो एवं बच्चों की देखरेख में मिलने वाले पारिश्रमिक में कोई कटौती न की जाए।
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सम्मेलन की अध्यक्षता कंचन मिश्रा और संचालन हेमलता ने किया। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष गंगा विष्णु शुक्ला, कामता प्रसाद, अशोक मिश्र, ज्ञानेंद्र पंाडेय, सरोजपाल, विन्दो देवी, राजकुमारी, निर्मला, सीता देवी, शीला देवी, सीमा, सुमन देवी, रेखा व शकुंतला सहित विध्याचल मंडल के तीनों जनपदों से आई सैंकड़ाें आशाओं ने भाग लिया।