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मदर्स डे पर मां बनने की खुशी पर फूली नहीं समाई माताएं
Mirzapur
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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मिर्जापुर। कोई भी महिला संपूर्ण नारी तभी बनती है जब उसे मां का दर्जा प्राप्त होता है। रविवार को मदर्स डे के दिन आधा दर्जन से अधिक महिलाआें को मां बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
विकास खंड कोन के चंदेल डढि़या गांव निवासी रेखा पत्नी राकेश को मदर्स डे पर पहली बार मां बनने का सौभाग्य मिला है। रेखा ने कहा कि मदर्स डे पर मां बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। कहा कि उसकी चाहत है कि उसका बेटा अच्छी शिक्षा ग्रहण करे और परिवार की नहीं बल्कि जनपद के साथ पूरे देश का नाम रोशन करें। इसी तरह मदर्स डे पर कई महिलाओं को पहली तथा दूसरी बार मां बनने का सुख प्राप्त हुआ है। सीटी विकास खंड के शुक्लहां मोहल्ला निवासी दुलारी पत्नी संतोष भी पहली बार मां बनी हैं। रविवार की सुबह करीब दस बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया। दुलारी का सपना है कि उसकी बेटी पढ़ लिखकर देश के विकास व समाज के बदलाव में अपना अहम रोल निभाए। उसका कहना कि बेटा नहीं हुआ तो क्या हुआ बेटी ही सही। वह पहली बार मां बनी हैं और मदर्स डे पर उसे यह सुख प्राप्त हुआ है। विंध्याचल निवासी ज्योति पत्नी अभय कुमार ने भी मदर्स डे पर पहली बार मातृत्व का सुख प्राप्त किया। जिससे वह काफी खुश थीं। इसी तरह बेलमहुआ गांव निवासी अनिता पत्नी ओमप्रकाश भी पहली बार मदर्स डे पर मां बनी। वहीं इलाहाबाद के मेजा स्थित टिकरी गांव निवासी उषा पत्नी समरजीत ने मदर्स डे पर एक फूल से बच्चे को जन्म दिया।
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विकास खंड कोन के चंदेल डढि़या गांव निवासी रेखा पत्नी राकेश को मदर्स डे पर पहली बार मां बनने का सौभाग्य मिला है। रेखा ने कहा कि मदर्स डे पर मां बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। कहा कि उसकी चाहत है कि उसका बेटा अच्छी शिक्षा ग्रहण करे और परिवार की नहीं बल्कि जनपद के साथ पूरे देश का नाम रोशन करें। इसी तरह मदर्स डे पर कई महिलाओं को पहली तथा दूसरी बार मां बनने का सुख प्राप्त हुआ है। सीटी विकास खंड के शुक्लहां मोहल्ला निवासी दुलारी पत्नी संतोष भी पहली बार मां बनी हैं। रविवार की सुबह करीब दस बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया। दुलारी का सपना है कि उसकी बेटी पढ़ लिखकर देश के विकास व समाज के बदलाव में अपना अहम रोल निभाए। उसका कहना कि बेटा नहीं हुआ तो क्या हुआ बेटी ही सही। वह पहली बार मां बनी हैं और मदर्स डे पर उसे यह सुख प्राप्त हुआ है। विंध्याचल निवासी ज्योति पत्नी अभय कुमार ने भी मदर्स डे पर पहली बार मातृत्व का सुख प्राप्त किया। जिससे वह काफी खुश थीं। इसी तरह बेलमहुआ गांव निवासी अनिता पत्नी ओमप्रकाश भी पहली बार मदर्स डे पर मां बनी। वहीं इलाहाबाद के मेजा स्थित टिकरी गांव निवासी उषा पत्नी समरजीत ने मदर्स डे पर एक फूल से बच्चे को जन्म दिया।
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