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जमीन पर सोती हैं कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं
Mirzapur
Updated Thu, 07 Nov 2013 05:41 AM IST
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मिर्जापुर। विकास खंड मडि़हान में बालिकाओं की शिक्षा के लिए 36 लाख की लागत से बना कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शो पीस बनकर रह गया है। बालिकाएं मडि़हान स्थित प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने को मजबूर हैं। आवासीय भवन के अभाव में 83 बालिकाओं को प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में जमीन पर सोकर रात गुजरनी पड़ती है।
सरकार ने जनपद के 10 विकास खंडों मडि़हान, हलिया, लालगंज, पहाड़ी, नगर, छानबे, कोन, मझवां, जमालपुर तथा राजगढ़ में बालिकाओं के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खोले हैं। कस्तूरबा विद्यालयों में 100-100 बालिकाओं के अध्ययन की व्यवस्था की गई है। विकास खंड मडि़हान के देवरी कला में 36 लाख की लागत से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण किया गया हैं। लेकिन विद्यालय भवन बाजार से लगभग एक किमी दूर एकांत में होने से सुरक्षा कारणों से वहां पठन पाठन आज तक शुरू नहीं हो सका हैं। मडि़हान स्थित कस्तूरबा विद्यालय में 83 बालिकाआें का नामांकन किया गया है। ऐसे में कस्तूरबा विद्यालय के मडि़हान स्थित प्राथमिक पाठशाला में संचालन होने से बालिकाओं को पठन पाठन सहित रहने में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक पाठशाला के अतिरिक्त कक्ष में रहने के कारण बालिकाओं को जमीन पर सोने को विवश होना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में काफी रोष व्याप्त है। साथ ही कस्तूरबा विद्यालय में बालिकाओं को समय से ड्रेस सहित अन्य जरूरत के सामानों का वितरण नहीं हो पा रहा है। प्राथमिक विद्यालय में शौचालय के अभाव में बालिकाओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है। बालिकाओं के लिए समुचित पेयजल की भी व्यवस्था नहीं की गई है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ कर भाग गई थी, जिसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्यदायी संस्था पर एफआईआर दर्ज कराया गया। उसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा शेष धन से बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया। जिला समन्यक बालिका शिक्षा रमेश कुमार राय ने बताया कि भवन तैयार है, लेकिन वायरिंग, पानी आदि के कार्य शेष है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यालय भवन हैंडओवर हो जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय किरनबाला सिंह ने बताया कि बालिकाओं को सामान वितरण के लिए निकाला गया टेंडर किन्हीं कारणों से निरस्त हो गया था। सामान आपूर्ति के लिए पुन: टेंडर निकाला गया हैं। जल्द ही सामान वितरण किया जाएगा।
इनसेट
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शासन की मंशानुरूप बालिकाओं को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था की समुचित व्यवस्था होते ही भवन स्थानांतरित किया जाएगा।
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सरकार ने जनपद के 10 विकास खंडों मडि़हान, हलिया, लालगंज, पहाड़ी, नगर, छानबे, कोन, मझवां, जमालपुर तथा राजगढ़ में बालिकाओं के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खोले हैं। कस्तूरबा विद्यालयों में 100-100 बालिकाओं के अध्ययन की व्यवस्था की गई है। विकास खंड मडि़हान के देवरी कला में 36 लाख की लागत से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण किया गया हैं। लेकिन विद्यालय भवन बाजार से लगभग एक किमी दूर एकांत में होने से सुरक्षा कारणों से वहां पठन पाठन आज तक शुरू नहीं हो सका हैं। मडि़हान स्थित कस्तूरबा विद्यालय में 83 बालिकाआें का नामांकन किया गया है। ऐसे में कस्तूरबा विद्यालय के मडि़हान स्थित प्राथमिक पाठशाला में संचालन होने से बालिकाओं को पठन पाठन सहित रहने में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक पाठशाला के अतिरिक्त कक्ष में रहने के कारण बालिकाओं को जमीन पर सोने को विवश होना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में काफी रोष व्याप्त है। साथ ही कस्तूरबा विद्यालय में बालिकाओं को समय से ड्रेस सहित अन्य जरूरत के सामानों का वितरण नहीं हो पा रहा है। प्राथमिक विद्यालय में शौचालय के अभाव में बालिकाओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है। बालिकाओं के लिए समुचित पेयजल की भी व्यवस्था नहीं की गई है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ कर भाग गई थी, जिसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्यदायी संस्था पर एफआईआर दर्ज कराया गया। उसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा शेष धन से बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया। जिला समन्यक बालिका शिक्षा रमेश कुमार राय ने बताया कि भवन तैयार है, लेकिन वायरिंग, पानी आदि के कार्य शेष है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विद्यालय भवन हैंडओवर हो जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय किरनबाला सिंह ने बताया कि बालिकाओं को सामान वितरण के लिए निकाला गया टेंडर किन्हीं कारणों से निरस्त हो गया था। सामान आपूर्ति के लिए पुन: टेंडर निकाला गया हैं। जल्द ही सामान वितरण किया जाएगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शासन की मंशानुरूप बालिकाओं को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था की समुचित व्यवस्था होते ही भवन स्थानांतरित किया जाएगा।
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