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जर्जर भवन चकबंदी न्यायालय संचालन से रोषं
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:36 AM IST
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मिर्जापुर। राजस्व चकबंदी अधिवक्ता समिति की बैठक जगत नारायण मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सोमवार को आयोजित बैठक में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी व उप संचालक चकबंदी न्यायालय को जर्जर भवन में संचालित किए जाने पर रोष जताया गया।
अध्यक्ष जगत नारायण मिश्र ने कहा कि बाबा आदम के जमाने के बनाए गए भवन में पहुंचे अधिवक्ताओं, वादकारियों के सिर पर मौत बनकर छत लटक रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन छत टूट कर गिर रहा है जिससे यहां खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां की हालत से पूर्व जिलाधिकारी भी वाकिफ रहे। उन्होंने तत्काल यहां से न्यायालय अन्यत्र किए जाने का निर्देश दिया था पर आज तक इसी पुराने भवन में न्यायालय संचालित किया जा रहा है। सचिव भगवान प्रसाद पांडेय ने कहा कि पूर्व जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब तक अन्यत्र न्यायालय संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की जाती तब तक चकबंदी के समस्त अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। बैठक में संतोष कुमार तिवारी, सुधांशु शेखर चतुर्वेदी, चन्द्रभूषण सिंह एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्ष जगत नारायण मिश्र ने कहा कि बाबा आदम के जमाने के बनाए गए भवन में पहुंचे अधिवक्ताओं, वादकारियों के सिर पर मौत बनकर छत लटक रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन छत टूट कर गिर रहा है जिससे यहां खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां की हालत से पूर्व जिलाधिकारी भी वाकिफ रहे। उन्होंने तत्काल यहां से न्यायालय अन्यत्र किए जाने का निर्देश दिया था पर आज तक इसी पुराने भवन में न्यायालय संचालित किया जा रहा है। सचिव भगवान प्रसाद पांडेय ने कहा कि पूर्व जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब तक अन्यत्र न्यायालय संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की जाती तब तक चकबंदी के समस्त अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। बैठक में संतोष कुमार तिवारी, सुधांशु शेखर चतुर्वेदी, चन्द्रभूषण सिंह एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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