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प्रभु को पाना असान नहीं, मुश्किल भी नहीं
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:58 PM IST
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चुनार। नगर के उसमानपुर इलाके में स्थित गुंसाई श्री विट्ठलनाथ जी के प्राकट्य स्थल चरणाट धाम में सुर श्रृंगार कीर्तन विद्यालय अहमदाबाद द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सत्संग के दूसरे दिन स्थानीय इलाकों सहित दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उपस्थित वैष्णवजनों से षष्ठपीठाधीश्वर श्रीश्याम मनोहर जी महाराज ने कहा कि प्रभु को पाना आसान नही है लेकिन मुश्किल भी नही, मनुष्य प्रभु से आस्था व श्रद्धा जोड़कर यदि कोई कार्य करता है तो निश्चित ही प्रभु किसी न किसी रूप में उसके कार्य में सहयोगी बन कर उसका उद्धार करते हैं। प्रभु का नाम लेकर यदि मनुष्य बुरे कर्मों को करता है तो उसके बुरे कर्मों का भी परिणाम अच्छे कर्मों में बदल जाता है। ऐसी है प्रभु के नाम की महिमा।
प्रवचन के उपरांत भजन कीर्तन में वैष्णवजन शामिल हुए। एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया, गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है श्री बाके बिहारी नंदलाल मेरो है, भजन पर वैष्णवजन झूम उठे राधे राधे के जयकारे से चरणाट धाम गुंजायमान हो उठा। सत्संग भजन कीर्तन से पूर्व देश प्रदेश से आये वैष्णवजनों ने चरणाट धाम में प्रभातफेरी निकाली और ठाकुर जी के पूजन दर्शन किये। कार्यक्रम के दौरान मंगला दास बापोदर, प्रदीप मेहता, मुकेश मोटानी, भरत मेहता, सुरेश दामोदर, शोभिता, काल्यानी साक्षी सहित मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली लखनऊ कानपुर, वाराणसी के तमाम वैष्णवजन उपस्थित रहे।
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प्रवचन के उपरांत भजन कीर्तन में वैष्णवजन शामिल हुए। एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया, गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है श्री बाके बिहारी नंदलाल मेरो है, भजन पर वैष्णवजन झूम उठे राधे राधे के जयकारे से चरणाट धाम गुंजायमान हो उठा। सत्संग भजन कीर्तन से पूर्व देश प्रदेश से आये वैष्णवजनों ने चरणाट धाम में प्रभातफेरी निकाली और ठाकुर जी के पूजन दर्शन किये। कार्यक्रम के दौरान मंगला दास बापोदर, प्रदीप मेहता, मुकेश मोटानी, भरत मेहता, सुरेश दामोदर, शोभिता, काल्यानी साक्षी सहित मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली लखनऊ कानपुर, वाराणसी के तमाम वैष्णवजन उपस्थित रहे।
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