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मुस्लिम स्थापित कराते हैं दुर्गा प्रतिमा,हिंदू खेलते हैं लकड़ी
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:59 PM IST
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शेरवां। जनपद के पूर्वांचल में स्थित विकास खंड जमालपुर का नक्सल प्रभावित इलाका शेरवां गंगा जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल प्रस्तुत कर रहा है। शेरवां गांव का मुस्लिम दुर्गा पूजा समिति का अध्यक्ष बना है तो ताजियाएदारों का नेतृत्व हिंदू कर रहे हैं। मुहर्रम के दिन ताजिया की जब मुस्लिम बंधु लकड़ी खेलते हैं तो उनका साथ हिंदू भाई देते हैं।
बताते चलें कि शेरवां गांव में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय की बाहुलता होने के बाद भी यहां के लोग अमन चैन व भाईचारे को कायम रखते हुए साथ-साथ रहते हैं जो गंगा जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सद्भावना का संदेश देने के लिए काफी हैं। जमालपुर बाजार में दो जगहों पर स्थापित दुर्गा पूजा समिति के लिए प्रसाद का प्रबंध मुंबई में रह कर घड़ी की दूकान चलाने वाले जमालपुर के निवासी जुगनू भाई सिद्दीकी अपने पिता शुद्धु सिद्दीकी के माध्यम से कराते हैं, और तो और विगत कई वर्षों से जुगनू भाई सिद्दीकी जमालपुर बाजार पश्चिमी के लिए दुर्गा पूजा के लिए पांडाल में स्थापित की जाने वाली मूर्ति का दान करते चले आ रहे हैं। जमालपुर गांव के कयामुद्दीन खान गांव-गांव में घूम कर मंदिरों पर रामायण व दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। जबलपुर में रह कर व्यापार करने वाले शौकत अली खान दुर्गा पूजा समिति को आर्थिक सहायता देते हैं। यह परंपरा यहां वर्षों से चली आ रही है।
शेरवां में स्थापित दुर्गा पूजा समिति का अध्यक्ष मुस्लिम समुदाय के शहाबुद्दीन को बनाया गया है। जमालपुर गांव में स्थित प्राचीन काली मंदिर पर चलने वाले नौ दिन तक के अखंड हरिकीर्तन के बाद आयोजित भंडारे में विषेश सहयोग करने की जिम्मेदारी जुगनू भाई ने ली है। हिंदू समुदाय के लोग मुहर्रम के त्योहार पर ताजिया बनाने में आर्थिक सहयोग वर्षों से कर रहे हैं तथा स्वयं ताजिया बना कर मुहर्रम के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ कर्बला तक पहुंच कर दफन करते हैं। इतना ही नहीं जब मुहर्रम के दिन ताजिया करबला में दफन होने के लिए जाते हैं तो शेरवां व जमालपुर गांव के हिंदू -मुस्लिम सैकड़ों की संख्या में एक साथ चलते हैं।
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बताते चलें कि शेरवां गांव में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय की बाहुलता होने के बाद भी यहां के लोग अमन चैन व भाईचारे को कायम रखते हुए साथ-साथ रहते हैं जो गंगा जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सद्भावना का संदेश देने के लिए काफी हैं। जमालपुर बाजार में दो जगहों पर स्थापित दुर्गा पूजा समिति के लिए प्रसाद का प्रबंध मुंबई में रह कर घड़ी की दूकान चलाने वाले जमालपुर के निवासी जुगनू भाई सिद्दीकी अपने पिता शुद्धु सिद्दीकी के माध्यम से कराते हैं, और तो और विगत कई वर्षों से जुगनू भाई सिद्दीकी जमालपुर बाजार पश्चिमी के लिए दुर्गा पूजा के लिए पांडाल में स्थापित की जाने वाली मूर्ति का दान करते चले आ रहे हैं। जमालपुर गांव के कयामुद्दीन खान गांव-गांव में घूम कर मंदिरों पर रामायण व दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। जबलपुर में रह कर व्यापार करने वाले शौकत अली खान दुर्गा पूजा समिति को आर्थिक सहायता देते हैं। यह परंपरा यहां वर्षों से चली आ रही है।
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शेरवां में स्थापित दुर्गा पूजा समिति का अध्यक्ष मुस्लिम समुदाय के शहाबुद्दीन को बनाया गया है। जमालपुर गांव में स्थित प्राचीन काली मंदिर पर चलने वाले नौ दिन तक के अखंड हरिकीर्तन के बाद आयोजित भंडारे में विषेश सहयोग करने की जिम्मेदारी जुगनू भाई ने ली है। हिंदू समुदाय के लोग मुहर्रम के त्योहार पर ताजिया बनाने में आर्थिक सहयोग वर्षों से कर रहे हैं तथा स्वयं ताजिया बना कर मुहर्रम के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ कर्बला तक पहुंच कर दफन करते हैं। इतना ही नहीं जब मुहर्रम के दिन ताजिया करबला में दफन होने के लिए जाते हैं तो शेरवां व जमालपुर गांव के हिंदू -मुस्लिम सैकड़ों की संख्या में एक साथ चलते हैं।
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