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प्रधान का देवर भेजा गया जेल
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:19 AM IST
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मड़िहान। वन विभाग की जमीन खाली कराने गई एसडीएम मड़िहान ने तहसील के चार लाख 57 हजार रुपये बकाएदार के मिलने पर उसे गिरफ्तार करा कर जेल भिजवा दिया। शनिवार को पकड़ा गया आरोपी धुरकर गांव के प्रधान का देवर है। जो चारागाह व वन विभाग की 240 बीघे जमीन पर कब्जा किया था। जब एसडीएम ने 24 घंटे में जमीन खाली करने को कहा तो वह विवाद करने लगा।
धुरकर गांव निवासी अशोक कुमार राय उसका बड़ा भाई विनय कुमार राय ने मिल कर ग्रामसभा में मौजूद चारागाह की 70 बीघा जमीन को कब्जा कर लिया था। इसके अलावा वन विभाग की 170 बीघा जमीन पर भी कब्जा था। वन विभाग के जमीन का मुकदमा हाईकोर्ट में चल रहा था जबकि चारागाह के जमीन का मामला मड़िहान तहसीलदार के यहां लंबित था। तहसीलदार कोर्ट ने कई वर्षों से चारागाह की जमीन को कब्जा करने की जानकारी होने पर आरोपी पर पांच लाख सात हजार रुपये का जुर्माना करते हुए वसूलने का निर्देश दिया। जुर्माना होने पर अशोक राय ने कुछ दिन बाद एक बार 50 हजार रुपये संग्रह अमीन के यहां जमा किया। इसके बाद एक पैसा भी नहीं दिया। बाकी चार लाख 57 हजार रुपये की वसूली के लिए अमीन उसके घर का चक्कर लगा रहा है परंतु उसे अशोक नहीं मिला। उधर हार्टकोर्ट ने भी कुछ दिन पूर्व वन विभाग की जमीन को खाली कराने का आदेश दिया। कोर्ट द्वारा आदेश दिए जाने पर जिला प्रशासन ने एसडीएम मड़िहान सविता यादव के नेतृत्व में तहसीलदार रामजी मौर्या, क्षेत्रीय वनाधिकारी मनीष सिंह, वन दारोगा विनोद कुमार मिश्र, विकास उपाध्याय और थानाध्यक्ष मड़िहान केके सिंह की एक टीम गठित कर जमीन खाली कराने के लिए भेजा। शनिवार को एसडीएम जब जमीन खाली कराने पहुंची तो वहां अशोक मिला। जिसे 24 घंटे के अंदर जमीन को खाली करने का निर्देश था लेकिन वह जमीन खाली करने की बजाय उनसे विवाद करने लगा। इसी बीच तहसीलदार ने बताया कि इसके ऊपर तहसील का चार लाख 57 हजार रुपया बकाया है। जिसे वह अदा नहीं कर रहा है। यह सुनते ही उन्होंने तत्काल अशोक को गिरफ्तार कराते हुए उसके विरुद्घ वारंट जारी कराकर जेल भेज दिया।
धुरकर गांव निवासी अशोक कुमार राय उसका बड़ा भाई विनय कुमार राय ने मिल कर ग्रामसभा में मौजूद चारागाह की 70 बीघा जमीन को कब्जा कर लिया था। इसके अलावा वन विभाग की 170 बीघा जमीन पर भी कब्जा था। वन विभाग के जमीन का मुकदमा हाईकोर्ट में चल रहा था जबकि चारागाह के जमीन का मामला मड़िहान तहसीलदार के यहां लंबित था। तहसीलदार कोर्ट ने कई वर्षों से चारागाह की जमीन को कब्जा करने की जानकारी होने पर आरोपी पर पांच लाख सात हजार रुपये का जुर्माना करते हुए वसूलने का निर्देश दिया। जुर्माना होने पर अशोक राय ने कुछ दिन बाद एक बार 50 हजार रुपये संग्रह अमीन के यहां जमा किया। इसके बाद एक पैसा भी नहीं दिया। बाकी चार लाख 57 हजार रुपये की वसूली के लिए अमीन उसके घर का चक्कर लगा रहा है परंतु उसे अशोक नहीं मिला। उधर हार्टकोर्ट ने भी कुछ दिन पूर्व वन विभाग की जमीन को खाली कराने का आदेश दिया। कोर्ट द्वारा आदेश दिए जाने पर जिला प्रशासन ने एसडीएम मड़िहान सविता यादव के नेतृत्व में तहसीलदार रामजी मौर्या, क्षेत्रीय वनाधिकारी मनीष सिंह, वन दारोगा विनोद कुमार मिश्र, विकास उपाध्याय और थानाध्यक्ष मड़िहान केके सिंह की एक टीम गठित कर जमीन खाली कराने के लिए भेजा। शनिवार को एसडीएम जब जमीन खाली कराने पहुंची तो वहां अशोक मिला। जिसे 24 घंटे के अंदर जमीन को खाली करने का निर्देश था लेकिन वह जमीन खाली करने की बजाय उनसे विवाद करने लगा। इसी बीच तहसीलदार ने बताया कि इसके ऊपर तहसील का चार लाख 57 हजार रुपया बकाया है। जिसे वह अदा नहीं कर रहा है। यह सुनते ही उन्होंने तत्काल अशोक को गिरफ्तार कराते हुए उसके विरुद्घ वारंट जारी कराकर जेल भेज दिया।
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