{"_id":"5aff15534f1c1bd2408b6528","slug":"61526666579-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपा पुल का नट-वोल्ट टूटा, परेशान रहे राहगीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपा पुल का नट-वोल्ट टूटा, परेशान रहे राहगीर
Updated Fri, 18 May 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनार। पीपा पुल के ज्वाइंटर में लगे नट बोल्ट के टूट जाने के कारण शुक्रवार को एक बार फिर पुल पर आवागमन बाधित रहा। जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा । इसे लेकर लोगों में आक्रोश देखा गया।
ज्ञात हो कि चुनार से गंगा उस पार जाने के लिए बालूघाट से मेड़िया घाट पर आम जन-मानस के आवागमन हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रति वर्ष बरसात बाद दशहरा तक पीपा पुल को बनाया जाता है जिसे जून माह के उत्तरार्द्ध में 20 जून तक बरसात की संभावना के चलते तोड़ दिया जाता है ,पीपा पुल गुरुवार की रात क्षतिग्रस्त हो गया, आवागमन के दौरान बालूघाट घाट की ओर एक पीपा का संतुलन राहगीरों ने बिगडा हुआ देखा तो उनके होश उड़ गए। तत्काल पुल पर तैनात कर्मियों को बताया और पुल कर्मी मौके पर गये तो देखा कि पीपा के ज्वाइंटर का नट वोल्ट टूटा हुआ है। मामले से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। जानकारी होने पर विभाग के जे.ई. मौके पर पहुंच क्षतिग्रस्त पीपे का निरीक्षण कर सुबह 10 बजे वेल्डिंग मशीन मंगाकर ज्वाइंटर की बेल्डिग व नट वोल्ट लगवाए जाने का कार्य शुरू कराया। बताते चलें कि अभी एक पखवारे पूर्व ही मेड़िया घाट की ओर के एक पीपे के ज्वाइंटर का एक नट वोल्ट टूट गया था जिससे आने जाने वालों को दिन भर कष्ट उठाना पड़ा था,लोगों का कहना है कि पीपा पुल का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं किया गया है और काफी पुरानी बीम आदि का प्रयोग कर बनाया गया है इसलिए पुल बार-बार क्षतिग्रस्त होता रहता है। पुल पर आवागमन बाधित होने के कारण पुल से गंगा उस पार होकर वाराणसी, कछवां, भदोही, इलाहाबाद सहित अन्य इलाकों में जाने के लिए दूर दराज के लोग पुल शुरू होने का इंतजार करते रहे या फिर लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य तक जाने के लिए गंगाघाट पर साधन की तलाश करते रहे और गर्मी की इस चिलचिलाती धूप में छोटे बच्चों व बुजुर्गों को खासी परेशानी से जूझना पड़ा,पुल से आवागमन बंद होने के दौरान पुल के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।और इलाकाई पुलिस बैरीकेटिंग कर आवागमन पर पूर्णतया रोक लगायी रही। आये दिन पीपा पुल का क्षतिग्रस्त होते रहना कभी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
ज्ञात हो कि चुनार से गंगा उस पार जाने के लिए बालूघाट से मेड़िया घाट पर आम जन-मानस के आवागमन हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रति वर्ष बरसात बाद दशहरा तक पीपा पुल को बनाया जाता है जिसे जून माह के उत्तरार्द्ध में 20 जून तक बरसात की संभावना के चलते तोड़ दिया जाता है ,पीपा पुल गुरुवार की रात क्षतिग्रस्त हो गया, आवागमन के दौरान बालूघाट घाट की ओर एक पीपा का संतुलन राहगीरों ने बिगडा हुआ देखा तो उनके होश उड़ गए। तत्काल पुल पर तैनात कर्मियों को बताया और पुल कर्मी मौके पर गये तो देखा कि पीपा के ज्वाइंटर का नट वोल्ट टूटा हुआ है। मामले से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। जानकारी होने पर विभाग के जे.ई. मौके पर पहुंच क्षतिग्रस्त पीपे का निरीक्षण कर सुबह 10 बजे वेल्डिंग मशीन मंगाकर ज्वाइंटर की बेल्डिग व नट वोल्ट लगवाए जाने का कार्य शुरू कराया। बताते चलें कि अभी एक पखवारे पूर्व ही मेड़िया घाट की ओर के एक पीपे के ज्वाइंटर का एक नट वोल्ट टूट गया था जिससे आने जाने वालों को दिन भर कष्ट उठाना पड़ा था,लोगों का कहना है कि पीपा पुल का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं किया गया है और काफी पुरानी बीम आदि का प्रयोग कर बनाया गया है इसलिए पुल बार-बार क्षतिग्रस्त होता रहता है। पुल पर आवागमन बाधित होने के कारण पुल से गंगा उस पार होकर वाराणसी, कछवां, भदोही, इलाहाबाद सहित अन्य इलाकों में जाने के लिए दूर दराज के लोग पुल शुरू होने का इंतजार करते रहे या फिर लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य तक जाने के लिए गंगाघाट पर साधन की तलाश करते रहे और गर्मी की इस चिलचिलाती धूप में छोटे बच्चों व बुजुर्गों को खासी परेशानी से जूझना पड़ा,पुल से आवागमन बंद होने के दौरान पुल के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।और इलाकाई पुलिस बैरीकेटिंग कर आवागमन पर पूर्णतया रोक लगायी रही। आये दिन पीपा पुल का क्षतिग्रस्त होते रहना कभी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
विज्ञापन