फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   पहाड़ी इलाकों में गहराने लगा पेयजल संकट

पहाड़ी इलाकों में गहराने लगा पेयजल संकट

Wed, 24 Jan 2018 12:00 AM IST
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
पहाड़ी इलाकों में गहराने लगा पेयजल संकट
हलिया में बेकार पड़ टंकी
मिर्जापुर। ठंड का मौसम अभी बीता भी नहीं है कि जिले के पहाड़ी इलाकों में जलस्तर खिसकने से पेयजल संकट पैदा हो गया है। राजगढ़, मड़िहान, लालगंज, हलिया और ड्रमंडगंज में पेयजल की समस्या अभी से पैदा हो गई है। ड्रमंडगंज के लहुरियादह में हैंडपंपों से पानी नहीं आने से यहां की महिलाएं पेयजल की तलाश में छह किलोमीटर तक भटकती हैं। इन इलाकों में शुरू हुई पेयजल योजनाएं खुद ही संकट में नजर आ रही हैं।
विज्ञापन

जिले के राजगढ़, मड़िहान, लालगंज, हलिया, ड्रमंडगंज आदि पहाड़ी इलाकों में पेयजल की किल्लत पैदा होने ली है। इन स्थानों पर हर वर्ष गर्मियों में पानी को लेकर हाहाकार मचता है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को पेयजल के लिए जूझना पड़ता है। ड्रमंडगंज विकास खंड के लहुरियादह में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां महिलाएं दस किलोमीटर की दूरी से पानी ला कर प्यास बुझा रही हैं। इस वर्ष बरसात कम होने के कारण जलस्तर खिसकने से नदी-नाले और झरने भी सूख गए हैं। ऐसे में यहां के लोग छह किलोमीटर दूर ड्रमंडगंज बाजार तथा भैसोड़ गांव से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। लहुरियादह में प्राचीन बना एक कूप भी क्षतिग्रस्त हो गया है। आधा दर्जन लगे हैंडपंपों में पानी नहीं है। एक वर्ष गुजर जाने के बाद यहां पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बन सकी। देवहट ग्रामसभा में मिर्जापुर रीवा मार्ग से सटे ऊंची पहाड़ी पर आठ सौ लोग रहते हैं। ग्राम प्रधान देवहट शांति देवी ने मंगलवार को तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर पेयजल आपूर्ति के लिए एक टैंकर की मांग की, लेकिन वह भी व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

लालगंज इलाके में स्वच्छ पेयजल का सपना दिखाने वाली स्वजल धारा योजना प्रचार के होर्डिगों तक सीमित रह गई। लगभग 12 वर्ष पूर्व शुरू योजना तमाम खामियों के चलते यह फलीभूत नहीं हो सकी। इस योजना के तहत एक टंकी बननी थी और घर-घर तक पेयजल की पाइप ले जाने की कोशिश थी लेकिन यह योजना भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

लहुरियादह के लोगों ने पेयजल व्यवस्था नहीं होने पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। गांव के लवकुश केसरी, भोलानाथ, राजकली, अमरावती, कुसुमदेवी, राजकुमार, ज्ञानसागर आदि का कहना है कि अगर एक सप्ताह के अंदर टैंकर से पानी की सप्लाई न की गईं तो वे अनशन, प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उधर, लालगंज क्षेत्र में पेयजल संकट दूर नहीं हो पाया है। सहिरा, रानीबारी, अमहा, मानिकपुर, लालगंज, खजुरी, मिश्रपुर, पंजरा, कोठी, कठवार पहाड़ी आदि गांवों में पेयजल का गंभीर संकट है। यहां के लोग हर वर्ष पेयजल के लिए हंगामा करते हैं लेकिन पेयजल का इंतजाम नहीं किया गया। जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में पानी की समस्या गंभीर है। प्रभावित गांवों में पानी की टंकियां बनवाकर उन्हें हैंडपंपों से जोड़ कर उनमें पानी पहुंचाने की योजना है। पेयजल के लिए लहुरिया दह में छह ट्यूबवेल बनवाए गए हैं लेकिन सफलता नहीं मिली है प्रयास जारी है। पेयजल के लिए नई परियोजना नहीं है। पानी की समस्या को देखते हुए इससे निबटना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed