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Mirzapur News: राहत और बचाव कार्य के लिए जिले में बनाई गईं 37 बाढ़ चौकियां
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मिर्जापुर। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन की तरफ से सदर व चुनार तहसील क्षेत्र में 37 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। शासन के निर्देशानुसार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर शीघ्र ही इन बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी जाएगी।
जिले में बाढ़ का बहुत अधिक असर नहीं होता है, लेकिन इन सदर व चुनार तहसील क्षेत्र के 404 ग्राम पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इनमें सदर तहसील क्षेत्र की 220 और चुनार के 184 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसके मद्देनजर सदर तहसील क्षेत्र में 14 और चुनार में 23 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। आम तौर पर जिले में अगस्त माह में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है। इससे बचाव व राहत कार्य के लिए एक जून से 30 सितंबर तक बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रखा जाता है। सदर तहसील के छानबे, नगर, कोन, मझवां और पहाड़ी विकास खंड के गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। यहां बाढ़ का मुख्य कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि है, जबकि चुनार तहसील के सीखड़, नरायनपुर व जमालपुर विकास खंड के भी कई गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। यहां बाढ़ का कारण गंगा व जरगो नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही झोंका नाला के जलस्तर में वृद्धि होना भी है।
जिले में वर्ष 2022 में सदर तहसील क्षेत्र में मात्र एक ही गांव बसही में बाढ़ के चलते आवागमन प्रभावित हुआ था, जबकि चुनार में इस तरह के बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 20 थी। पिछले साल सदर तहसील में आबादी व फसल प्रभावित गांवों की संख्या 13 थी। इसके अलावा 78 गांवों में बाढ़ से फसलें प्रभावित हुई थीं। इसी प्रकार चुनार में 10 गांवों की खेती प्रभावित हुई थी और 80 गांवों में फसल प्रभावित हुई थी। अपर जिलाधिकारी शिवप्रताप शुक्ला ने बताया कि अगस्त माह में ही बाढ़ का प्रकोप होता है, लेकिन जिला प्रशासन एहतियात के तौर पर पूरे समय सतर्कता बरतता है।
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जिले में बाढ़ का बहुत अधिक असर नहीं होता है, लेकिन इन सदर व चुनार तहसील क्षेत्र के 404 ग्राम पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित बाढ़ से प्रभावित होती हैं। इनमें सदर तहसील क्षेत्र की 220 और चुनार के 184 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसके मद्देनजर सदर तहसील क्षेत्र में 14 और चुनार में 23 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। आम तौर पर जिले में अगस्त माह में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है। इससे बचाव व राहत कार्य के लिए एक जून से 30 सितंबर तक बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रखा जाता है। सदर तहसील के छानबे, नगर, कोन, मझवां और पहाड़ी विकास खंड के गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। यहां बाढ़ का मुख्य कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि है, जबकि चुनार तहसील के सीखड़, नरायनपुर व जमालपुर विकास खंड के भी कई गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। यहां बाढ़ का कारण गंगा व जरगो नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही झोंका नाला के जलस्तर में वृद्धि होना भी है।
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जिले में वर्ष 2022 में सदर तहसील क्षेत्र में मात्र एक ही गांव बसही में बाढ़ के चलते आवागमन प्रभावित हुआ था, जबकि चुनार में इस तरह के बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 20 थी। पिछले साल सदर तहसील में आबादी व फसल प्रभावित गांवों की संख्या 13 थी। इसके अलावा 78 गांवों में बाढ़ से फसलें प्रभावित हुई थीं। इसी प्रकार चुनार में 10 गांवों की खेती प्रभावित हुई थी और 80 गांवों में फसल प्रभावित हुई थी। अपर जिलाधिकारी शिवप्रताप शुक्ला ने बताया कि अगस्त माह में ही बाढ़ का प्रकोप होता है, लेकिन जिला प्रशासन एहतियात के तौर पर पूरे समय सतर्कता बरतता है।
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