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मांगों के पूरा नही होने से जलकल कर्मियों में नाराजगी
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:28 PM IST
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मिर्जापुर। नकहरा स्थित जल निगम कार्यालय परिसर में उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के तत्वावधान में जल निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। अधिशासी अभियंता जल निगम एके सिंह ने कहा सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नही दे रही है। कर्मचारियों का धरना 10 जुलाई तक धरना होता रहेगा।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाने और जल निगम कर्मियों का लंबित वेतन, पेंशन, सप्तम वेतनमान की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से शुुद्घ पेयजल केवल 13 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। वहीं छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा मिल पा रही है। प्रदेेश सरकार के तमाम वादों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नही दे रही है। वर्तमान में उक्त कार्यो की ेकार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर अडव़्ी हुई है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप रिबोर का कार्य और नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं द्वारा कराया जा रहा है, जिससे सेंटेज पर कार्य कर रही उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। प्रवक्ता संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि यैिद सरकार द्वारा 18 जुलाई तक मांगें पूरी नही किया जाता है तो लखनऊ में विशाल रैली होगी। इस दौरान आरसी मौर्य, अरूण कुमार, नर्वदेश्वर आनंद, उदय नारायण, दीनानाथ पाल, विनीत कुमार उपाध्याय, सुनील कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, किशुन राम आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इंजीनियर जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाने और जल निगम कर्मियों का लंबित वेतन, पेंशन, सप्तम वेतनमान की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से शुुद्घ पेयजल केवल 13 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। वहीं छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा मिल पा रही है। प्रदेेश सरकार के तमाम वादों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नही दे रही है। वर्तमान में उक्त कार्यो की ेकार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर अडव़्ी हुई है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप रिबोर का कार्य और नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं द्वारा कराया जा रहा है, जिससे सेंटेज पर कार्य कर रही उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। प्रवक्ता संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि यैिद सरकार द्वारा 18 जुलाई तक मांगें पूरी नही किया जाता है तो लखनऊ में विशाल रैली होगी। इस दौरान आरसी मौर्य, अरूण कुमार, नर्वदेश्वर आनंद, उदय नारायण, दीनानाथ पाल, विनीत कुमार उपाध्याय, सुनील कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, किशुन राम आदि मौजूद रहे।
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