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बाल फिल्में देख संस्कार-शिक्षा के प्रति जागरूक हुए विद्यार्थी
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अदलहाट। अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति की ओर से मिर्जापुर में आयोजित बाल फिल्म महोत्सव के दौरान गुरुवार को तीन स्कूलों में बाल फिल्में दिखाई गईं। इनमें फिल्म एक अजूबा, मल्ली एवं करामाती कोट का प्रदर्शन किया गया जिसे देखकर छात्र-छात्राएं खुशी से चहक उठे। राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत बाल फिल्मों को देखने के लिए विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बाल फिल्म महोत्सव के तहत गुरुवार को अदलहाट क्षेत्र के तीन विद्यालयों में बाल फिल्में प्रदर्शित की र्गइं। इनमें अदलहाट क्षेत्र के बरेंव गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब ढाई सौ छात्र-छात्राओं को फिल्म करामाती कोट दिखाई गई। रस्तोगी तालाब स्थित डॉ. आरएस मेमोरियल स्कूल में करीब दो सौ विद्यार्थियों के बीच बाल फिल्म एक अजूबा दिखाई गई। अदलहाट स्थित सरदार पटेल इंगलिश स्कूल में करीब तीन सौ विद्यार्थियों के बीच बाल फिल्म मल्ली दिखाई गई। ये फिल्में बच्चों को काफी पसंद आई और विद्यार्थियों ने पर्यावरण बचाए रखने व पौधरोपण आदि का संकल्प भी लिया। अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति की ओर से तीनों विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में संस्कार, चरित्र एवं बेहतर शिक्षा व उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की शिक्षा दी गई।
बाल फिल्म मल्ली देखकर वर्तमान समय में पर्यावरण को बचाने का संदेश मिला। - अनुराग मौर्या
बाल फिल्म करामाती कोट देखकर नसीहत मिली कि परिश्रम कर आगे बढ़ना चाहिए। - नेहा पटेल
एक अजूबा देखकर सीख मिली की अंधविश्वास से दूर रहकर आत्मविश्वास के साथ जिंदगी को जीना चाहिए। - अंकुर पटेल
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बाल फिल्म महोत्सव के तहत गुरुवार को अदलहाट क्षेत्र के तीन विद्यालयों में बाल फिल्में प्रदर्शित की र्गइं। इनमें अदलहाट क्षेत्र के बरेंव गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब ढाई सौ छात्र-छात्राओं को फिल्म करामाती कोट दिखाई गई। रस्तोगी तालाब स्थित डॉ. आरएस मेमोरियल स्कूल में करीब दो सौ विद्यार्थियों के बीच बाल फिल्म एक अजूबा दिखाई गई। अदलहाट स्थित सरदार पटेल इंगलिश स्कूल में करीब तीन सौ विद्यार्थियों के बीच बाल फिल्म मल्ली दिखाई गई। ये फिल्में बच्चों को काफी पसंद आई और विद्यार्थियों ने पर्यावरण बचाए रखने व पौधरोपण आदि का संकल्प भी लिया। अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति की ओर से तीनों विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में संस्कार, चरित्र एवं बेहतर शिक्षा व उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की शिक्षा दी गई।
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बाल फिल्म मल्ली देखकर वर्तमान समय में पर्यावरण को बचाने का संदेश मिला। - अनुराग मौर्या
बाल फिल्म करामाती कोट देखकर नसीहत मिली कि परिश्रम कर आगे बढ़ना चाहिए। - नेहा पटेल
एक अजूबा देखकर सीख मिली की अंधविश्वास से दूर रहकर आत्मविश्वास के साथ जिंदगी को जीना चाहिए। - अंकुर पटेल