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संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए गठित की गई टीम
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:20 AM IST
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मिर्जापुर। बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 16 टीमें गठित की हैं। किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने पर यह टीम जाकर इलाज शुरू करेगी। साथ ही बचाव के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगी। लोगों को जागरूक करने में आशा कार्यकर्ता भी लगाई जाएंगी।
बरसात के मौसम में दूषित पानी पीने से सबसे अधिक जलजनित बीमारियां होती हैं। डायरिया, उल्टी-दस्त, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि बीमारियां फैलती हैं। इन बीमारियों की चपेट में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। समय से इलाज नहीं होने के कारण कुछ लोगों की जान भी चली जाती है। संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाए जाने को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसको गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए 16 टीमे गठित की हैं। टीम में एक डाक्टर, फील्ड वर्कर व एक फार्मासिस्ट शामिल हैं। दो-दो टीम को प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात की गई हैं। इसके अलावा आशा, एएनएम को लगाया गया है जो अपने-अपने क्षेत्र के गांवों में जाकर लोगों को दूषित पानी पीने से मना करेंगी। इसके साथ ही जिस गांव के लोग कुए से पानी पी रहे है उसमें क्लोरीन की गोलियां डलवाने का काम करेंगी। इसके बावजूद किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की जानकारी होगी तो इसकी सूचना गठित टीम के अलावा स्थानीय पीएचसी पर देंगी। इसके बाद टीम वहां पहुंचकर इलाज करना शुरू कर देगी। किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर पूर्व निर्धारित टीम के अलावा जरूरत पड़ने पर जिले की भी टीम वहां पहुंचेगी।
बारिश के मौसम में डायरिया, उल्टी-दस्त आदि बीमारियां दूषित जल पीने की वजह से होती हैं। यदि पानी को विसंक्रमित कर उसका सेवन किया जाए तो काफी हद तक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। चिकित्सकों बारिश में लोगों को सुझाव दिया है कि एक बाल्टी पानी में एक क्लोरीन की गोली डालकर पानी विसंक्रमित करें। इसके बाद ही इसका सेवन करें। ऐसा करने से जलजनित बीमारियों से बचा जा सकता है।
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सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने कहा कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए 16 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। कहीं संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर जरूरत के हिसाब से जिले की भी टीम संबंधित स्थान पर जाएगी।
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बरसात के मौसम में दूषित पानी पीने से सबसे अधिक जलजनित बीमारियां होती हैं। डायरिया, उल्टी-दस्त, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि बीमारियां फैलती हैं। इन बीमारियों की चपेट में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। समय से इलाज नहीं होने के कारण कुछ लोगों की जान भी चली जाती है। संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाए जाने को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसको गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए 16 टीमे गठित की हैं। टीम में एक डाक्टर, फील्ड वर्कर व एक फार्मासिस्ट शामिल हैं। दो-दो टीम को प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात की गई हैं। इसके अलावा आशा, एएनएम को लगाया गया है जो अपने-अपने क्षेत्र के गांवों में जाकर लोगों को दूषित पानी पीने से मना करेंगी। इसके साथ ही जिस गांव के लोग कुए से पानी पी रहे है उसमें क्लोरीन की गोलियां डलवाने का काम करेंगी। इसके बावजूद किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की जानकारी होगी तो इसकी सूचना गठित टीम के अलावा स्थानीय पीएचसी पर देंगी। इसके बाद टीम वहां पहुंचकर इलाज करना शुरू कर देगी। किसी गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर पूर्व निर्धारित टीम के अलावा जरूरत पड़ने पर जिले की भी टीम वहां पहुंचेगी।
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बारिश के मौसम में डायरिया, उल्टी-दस्त आदि बीमारियां दूषित जल पीने की वजह से होती हैं। यदि पानी को विसंक्रमित कर उसका सेवन किया जाए तो काफी हद तक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। चिकित्सकों बारिश में लोगों को सुझाव दिया है कि एक बाल्टी पानी में एक क्लोरीन की गोली डालकर पानी विसंक्रमित करें। इसके बाद ही इसका सेवन करें। ऐसा करने से जलजनित बीमारियों से बचा जा सकता है।
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सीएमओ डा. ओपी तिवारी ने कहा कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए 16 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। कहीं संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर जरूरत के हिसाब से जिले की भी टीम संबंधित स्थान पर जाएगी।