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युवाओं ने जोश के साथ डाला वोट
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:10 AM IST
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मिर्जापुर। पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने वाले युवाओं में कुछ ज्यादा ही जोश दिखा। सुबह से ही युवक कतारों में खड़े नजर आए। मतदान किया और उसके पास सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करके सबको बताया और कहा कि वे भी वोट जरूर डालें। हर वोट की अहमियत होती है।
पिछले कई वर्षों से माता पिता और बड़े भाई बहनों को वोट डालते देख मन में लोकतंत्र के यज्ञ में भागीदारी करने वाले युवाओं को पहली बार वोट डालने का मौका मिला था। इनमें कई तो अपने परिवार के साथ बूथों पर पहुंचे थे तो कुछ अकेले ही अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच गए थे। आत्मविश्वास इतना दिखा कि उनके वोट से ही शहर की सरकार का निर्माण होता दिखा। कजरहवा पोखरा निवासिनी राखी सोनकर स्नातक की विद्यार्थी हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार वोट डालने आना था इसलिए घर में मां का हाथ बंटाने के बाद तुरंत तैयार हो कर बूथ पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि पढ़ा था कि वोट देने से लोकतंत्र मजबूत होता है इसलिए वोट डालने चली आई। रमईपट्टी निवासिनी अमृता श्रीवास्तव ने बताया कि पहली बार वोट देने से कुछ नर्वस फील हो रहा है लेकिन परिवार के लोग साथ हैँ इसलिए कोई खास परेशानी नही है। रमईपट्टी के गौरियान रोड की निवासिनी रेखा विश्वकर्मा अपने आईडी के साथ एएस जुबली इंटर कॉलेज में वोट डालने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि हर एक वोट का अपना महत्व होता है, जब मतदाता सूची में नाम आ ही गया है तो वोट डालने से वंचित कैसे रहती। निजी कार्य करने वाले विनोद सोनकर को पहली बार वोट देने का मौका हाथ लगा था तो उन्होंने अपने कार्य को स्थगित रखते हुए मताधिकार का विकल्प चुना था। बताया कि उनके संबंधी प्रत्याशी हैं ऐसे में उनके वोट की कीमत और बढ़ गई है। रमईपट्टी के पंडितान की निवासिनी निधि त्रिपाठी नेताओं की कार्य प्रणाली से दुखी नजर आईं। कहा कि जीतने के बाद कोई काम नहीं करता है फिर भी पहली बार वोट डालने का मौका आया तो उसे छोड़ना नहीं चाहती थी। मालवीय गली के निवासी 12 वीं के छात्र रोहन यादव भी पहली बार वोट डालने पहुंचे थे। वोट डाल कर वह बेहद खुश नजर आये बोले कि पहली बार वोट डाल कर ऐसा एहसास हो रहा है कि हमारी भी अहमियत है।
पिछले कई वर्षों से माता पिता और बड़े भाई बहनों को वोट डालते देख मन में लोकतंत्र के यज्ञ में भागीदारी करने वाले युवाओं को पहली बार वोट डालने का मौका मिला था। इनमें कई तो अपने परिवार के साथ बूथों पर पहुंचे थे तो कुछ अकेले ही अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच गए थे। आत्मविश्वास इतना दिखा कि उनके वोट से ही शहर की सरकार का निर्माण होता दिखा। कजरहवा पोखरा निवासिनी राखी सोनकर स्नातक की विद्यार्थी हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार वोट डालने आना था इसलिए घर में मां का हाथ बंटाने के बाद तुरंत तैयार हो कर बूथ पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि पढ़ा था कि वोट देने से लोकतंत्र मजबूत होता है इसलिए वोट डालने चली आई। रमईपट्टी निवासिनी अमृता श्रीवास्तव ने बताया कि पहली बार वोट देने से कुछ नर्वस फील हो रहा है लेकिन परिवार के लोग साथ हैँ इसलिए कोई खास परेशानी नही है। रमईपट्टी के गौरियान रोड की निवासिनी रेखा विश्वकर्मा अपने आईडी के साथ एएस जुबली इंटर कॉलेज में वोट डालने पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि हर एक वोट का अपना महत्व होता है, जब मतदाता सूची में नाम आ ही गया है तो वोट डालने से वंचित कैसे रहती। निजी कार्य करने वाले विनोद सोनकर को पहली बार वोट देने का मौका हाथ लगा था तो उन्होंने अपने कार्य को स्थगित रखते हुए मताधिकार का विकल्प चुना था। बताया कि उनके संबंधी प्रत्याशी हैं ऐसे में उनके वोट की कीमत और बढ़ गई है। रमईपट्टी के पंडितान की निवासिनी निधि त्रिपाठी नेताओं की कार्य प्रणाली से दुखी नजर आईं। कहा कि जीतने के बाद कोई काम नहीं करता है फिर भी पहली बार वोट डालने का मौका आया तो उसे छोड़ना नहीं चाहती थी। मालवीय गली के निवासी 12 वीं के छात्र रोहन यादव भी पहली बार वोट डालने पहुंचे थे। वोट डाल कर वह बेहद खुश नजर आये बोले कि पहली बार वोट डाल कर ऐसा एहसास हो रहा है कि हमारी भी अहमियत है।
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