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इलाज के अभाव में बालिका की मौत, अस्पताल से परिजनों को भगाया
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:28 PM IST
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जमालपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों के समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण शुक्रवार को डायरिया पीड़ित नौ वर्षीय एक बालिका की उपचार के अभाव में मौत हो गई। मामले की जानकारी होने पर चिकित्सकों ने परिजनों को वहां से भगा दिया। यह सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर परिजनों के साथ हंगामा किया।
जमालपुर के बहुआर गांव निवासी रसीद डायरिया पीड़ित बेटी सैमा (9) को लेकर शुक्रवार की सुबह आठ बजे सीएचसी जमालपुर पर पहुंचा। उस दौरान वहां कोई चिकित्सक मौजूद नही थे। यह देख परिजन कर्मचारियों से बीमार बेटी का इलाज करने के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। कर्मचारियों ने कहा कि डाक्टर के आने के बाद ही बालिका का इलाज हो पाएगा। परिजनों की पीड़ा देख हरदी सहजनी के प्रधान नरसिंह चौहान ने चिकित्सक को सूचना देकर उनको बुलाया। जब चिकित्सक चिकित्सालय पहुंचे तबतक बालिका दम तोड़ चुकी थी। बालिका की मौत की खबर लगते ही परिजन आक्रोशित हो गए और स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद ग्रामीण भी पहुंचे और हंगामा किया। मामले की जानकारी होने पर बहुआर के गांव की प्रधान सरिता त्रिपाठी ने चिकित्साधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि डाक्टर अस्पताल समय से नहीं पहुंचते हैं। रोगियों और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। दवाएं भी बाहर की लिखी जाती हैं। मामले में चुनार विधायक अनुराग सिंह ने जांच की मांग की है। कहा कि दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी चिकित्साधिकारी जमालपुर डा. राजन सिंह ने बताया कि बालिका की मौत पहले हो चुकी थी। उसकी मौत के बाद बालिका को परिजन स्वास्थ्य केंद्र ले आए थे। बालिका को देखते ही मृत घोषित कर दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी तिवारी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। अगर इसमें कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।
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जमालपुर के बहुआर गांव निवासी रसीद डायरिया पीड़ित बेटी सैमा (9) को लेकर शुक्रवार की सुबह आठ बजे सीएचसी जमालपुर पर पहुंचा। उस दौरान वहां कोई चिकित्सक मौजूद नही थे। यह देख परिजन कर्मचारियों से बीमार बेटी का इलाज करने के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। कर्मचारियों ने कहा कि डाक्टर के आने के बाद ही बालिका का इलाज हो पाएगा। परिजनों की पीड़ा देख हरदी सहजनी के प्रधान नरसिंह चौहान ने चिकित्सक को सूचना देकर उनको बुलाया। जब चिकित्सक चिकित्सालय पहुंचे तबतक बालिका दम तोड़ चुकी थी। बालिका की मौत की खबर लगते ही परिजन आक्रोशित हो गए और स्वास्थ्य केंद्र पर हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद ग्रामीण भी पहुंचे और हंगामा किया। मामले की जानकारी होने पर बहुआर के गांव की प्रधान सरिता त्रिपाठी ने चिकित्साधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि डाक्टर अस्पताल समय से नहीं पहुंचते हैं। रोगियों और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। दवाएं भी बाहर की लिखी जाती हैं। मामले में चुनार विधायक अनुराग सिंह ने जांच की मांग की है। कहा कि दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी जमालपुर डा. राजन सिंह ने बताया कि बालिका की मौत पहले हो चुकी थी। उसकी मौत के बाद बालिका को परिजन स्वास्थ्य केंद्र ले आए थे। बालिका को देखते ही मृत घोषित कर दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी तिवारी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। अगर इसमें कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।
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