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अन्य आश्रमो व मठो पर धूमधाम से मनाया गया गुरुपूजन पर्व
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:26 AM IST
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मिर्जापुर। गुरु पूर्णिमा पर शुक्रवार को जनपद के अन्य आश्रमों व मठों पर गुरुपूजन कार्य धूमधाम के साथ मनाया गया।
ओझला स्थित गायत्री परिवार रचनात्मक चेतना केंद्र द्वारा अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं श्रीराम शर्मा के परिजनों का पूजन व अर्चन किया गया। इस अवसर पर गायत्री यज्ञ व दीप प्रज्जवलन कर गुरु के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर सालिकराम मौर्य, सदन मौर्य, इन्द्रजीत शुक्ला, अर्चना गुप्ता, किरन गुप्ता, राधेश्याम मौर्य, कनक वर्मा, हरिमोहन यादव, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। इसी तरह से विश्व सनातन परिवार जन सेवा ट्रस्ट द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नर व नारियों ने सनातन संस्कारों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निराला जी महराज ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की मां ही गुरु होती है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने अपने मानस में लिखा है कि गुरु पितु मातु, महेश भवानी। कहा कि गुरु बनना अच्छी बात है परंतु समाज में स्थापित महान गुरुओं का आचरण से सबक लेना भी आवश्यक है। इस अवसर पर साधना द्विवेदी, एके मिश्रा, एसके ओमर, दिलीप कुमार खत्री आदि ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला।
अमर उजाला ब्यूरो
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ओझला स्थित गायत्री परिवार रचनात्मक चेतना केंद्र द्वारा अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं श्रीराम शर्मा के परिजनों का पूजन व अर्चन किया गया। इस अवसर पर गायत्री यज्ञ व दीप प्रज्जवलन कर गुरु के विचारों को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर सालिकराम मौर्य, सदन मौर्य, इन्द्रजीत शुक्ला, अर्चना गुप्ता, किरन गुप्ता, राधेश्याम मौर्य, कनक वर्मा, हरिमोहन यादव, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। इसी तरह से विश्व सनातन परिवार जन सेवा ट्रस्ट द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नर व नारियों ने सनातन संस्कारों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निराला जी महराज ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की मां ही गुरु होती है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने अपने मानस में लिखा है कि गुरु पितु मातु, महेश भवानी। कहा कि गुरु बनना अच्छी बात है परंतु समाज में स्थापित महान गुरुओं का आचरण से सबक लेना भी आवश्यक है। इस अवसर पर साधना द्विवेदी, एके मिश्रा, एसके ओमर, दिलीप कुमार खत्री आदि ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला।
अमर उजाला ब्यूरो