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बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:30 AM IST
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सीखड़। विकास खंड सीखड़ में अंधाधुंध बिजली कटौती से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। 18 की बजाय पांच मात्र पांच घंटे विद्युत आपूर्ति किए जाने से ग्रामीण परेशान हो गए है। ब्लॉक में लगाए गए बिजली के तार जर्जर हो चुके है जिसके चलते आए दिन गर्म होकटर टूटकर गिर जाते है। तार टूटने से कई दिनों तक बिजली बाधित हो जाती है। सूचना देने के बावजूद कर्मचारी टूटे तार की मरम्मत करने नहीं आते है। कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है।
सीखड़ ब्लॉक में बिजली की मनमानी कटौती से उपभोक्ताओं में काफी रोष व्याप्त है। ब्लॉक में ग्रामीणों को 18 घंटे बिजली मिलने के बजाय महज पांच घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र में पचास साल पूर्व के बिजली विभाग द्वारा तार लगाया गया था जो अब काफी जर्जर हालत में है। जर्जर तार आए दिन टूट कर गिरते रहने से आपूर्ति ठप हो जाती है। कई बार तो बिजली का तार टुटने के चलते दुर्घटनाएं भी घटित हो चुकी है तथा कितने किसानों की फसल में आग भी लग चुका है। बिजली के तार बदले जाने के लिये ग्रामीणों ने विभाग का ध्यान कई बार आकृष्ट कराया बावजूद इसके आज तक नही बदला गया। सीखड़ विकास खंड की जनता बिजली का भरपूर उपयोग नही कर पा रही है। क्षेत्र के दिलीप पाठक, पप्पु तिवारी, विकासपति त्रिपाठी, अखिलेश त्रिपाठी, राजेश सिंह, अमरेश शुक्ला, गोपीनाथ मिश्रा, मनोज सिंह, शशिकांत मिश्रा, धनंजय मिश्रा, रमेश पाठक आदि ने जर्जर तार बदले जाने तथा बिजली की कटौती बंद किये जाने की मांग की है, जिससे लोगों को निर्वाध रुप से बिजली आपूर्ति हो सके।
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