{"_id":"5b5226b94f1c1b52748b6047","slug":"161532110521-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन सगे भाईयों को सात वर्ष की कड़ी कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन सगे भाईयों को सात वर्ष की कड़ी कैद
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने गैरइरादतन हत्या के जुर्म में दोष सिद्ध पाए जाने पर तीन सगे भाइयों को सात वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया। इसके साथ ही जुर्माने की राशि से 20 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया।
अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के ओझला निवासिनी कतूबरी देवी ने 19 सितंबर 2012 को कटरा कोतवाली में लिखित तहरीर देकर बताया था कि मैने अपने पड़ोसी मोहनलाल उर्फ ढकेलू की दीवार से सटकर ईंट से रसोई घर बना रखा है जिसकी छत को प्लास्टिक से ढका है। 19 की शाम सात बजे मोहनलाल अपने छत पर खड़े होकर मेरे रसोई घर पर लघुशंका कर रहा था। आपत्ति जताने पर उसके तीन लकड़े रमाशंकर, कृपाशंकर व शिवशंकर लाठी डंडा लेकर आए और मेरे घर में घुसकर पति बेचन को मारपीट कर घायल कर दिया। पति को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां से हालत गंभीर होने पर इलाहाबाद रेफर कर दिया गया था जहां 25 सितंबर को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 304, 323, 504 भादंस में मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता ने छह गवाह प्रस्तुत कराए। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध व गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने मोहनलाल के तीनों लड़के रमाशंकर उर्फ पवनी, कृपाशंकर उर्फ काऊ तथा शिवशंकर का दोषसिद्घ पाते हुए सात वर्ष की कड़ी कैद के साथ प्रत्येक को 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
विज्ञापन
अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के ओझला निवासिनी कतूबरी देवी ने 19 सितंबर 2012 को कटरा कोतवाली में लिखित तहरीर देकर बताया था कि मैने अपने पड़ोसी मोहनलाल उर्फ ढकेलू की दीवार से सटकर ईंट से रसोई घर बना रखा है जिसकी छत को प्लास्टिक से ढका है। 19 की शाम सात बजे मोहनलाल अपने छत पर खड़े होकर मेरे रसोई घर पर लघुशंका कर रहा था। आपत्ति जताने पर उसके तीन लकड़े रमाशंकर, कृपाशंकर व शिवशंकर लाठी डंडा लेकर आए और मेरे घर में घुसकर पति बेचन को मारपीट कर घायल कर दिया। पति को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां से हालत गंभीर होने पर इलाहाबाद रेफर कर दिया गया था जहां 25 सितंबर को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 304, 323, 504 भादंस में मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता ने छह गवाह प्रस्तुत कराए। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध व गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने मोहनलाल के तीनों लड़के रमाशंकर उर्फ पवनी, कृपाशंकर उर्फ काऊ तथा शिवशंकर का दोषसिद्घ पाते हुए सात वर्ष की कड़ी कैद के साथ प्रत्येक को 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
विज्ञापन