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गेंहू लदा वाहन लेकर भटक रहे किसान
Updated Mon, 28 May 2018 11:04 PM IST
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मड़िहान। जहां एक तरफ किसानों की आय को दोगुना किए जाने की कवायद की जा रही है वहीं अपनी उपज का निर्धारित मूल्य भी प्राप्त करने के लिए किसानों को पसीना बहाना पड़ रहा है।
क्षेत्र में इन दिनों हाट शाखा को छोड़कर सभी क्रय केंद्रों पर किसानों की गेंहू खरीद ठप पड़ गई है। कहीं बोरी का अभाव तो कहीं गोदाम में गेंहू रखने की जगह का अभाव बताया जा रहा है। हाटशाखा मड़िहान कलवारी में गेंहू बेचने के लिए चार सौ किसानों ने अपना नबंर लगाया था। अन्य विभाग के क्रय केंद्र बंद होने से हाट शाखा पर गेहूं खरीद के लिए किसानों का दबाव बढ़ता जा रहा है। अभी तक तीन सौ किसानों का लगभग पंद्रह हजार क्विंटल गेंहू की खरीदारी की जा चुकी है। सरकार के नियमानुसार एक पखवारे तक क्रय केंद्रों पर और खरीद चलेगी। किसानों को चिंता है कि एक पखवारे में नंबर नहीं आया तो व्यापारियों के हाथों औने- पौने दामों पर गेहूं बेचने को विवश होना पड़ेगा। मड़िहान तहसील क्षेत्र में विभिन्न विभागों के दर्जन भर क्रय केंद्र कागजों पर ही संचालित हो रहे हैं। क्षेत्रीय किसानों ने संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का कई बार ध्यान आकृष्ट कराया किंतु नतीजा सिफर रहा। किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
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क्षेत्र में इन दिनों हाट शाखा को छोड़कर सभी क्रय केंद्रों पर किसानों की गेंहू खरीद ठप पड़ गई है। कहीं बोरी का अभाव तो कहीं गोदाम में गेंहू रखने की जगह का अभाव बताया जा रहा है। हाटशाखा मड़िहान कलवारी में गेंहू बेचने के लिए चार सौ किसानों ने अपना नबंर लगाया था। अन्य विभाग के क्रय केंद्र बंद होने से हाट शाखा पर गेहूं खरीद के लिए किसानों का दबाव बढ़ता जा रहा है। अभी तक तीन सौ किसानों का लगभग पंद्रह हजार क्विंटल गेंहू की खरीदारी की जा चुकी है। सरकार के नियमानुसार एक पखवारे तक क्रय केंद्रों पर और खरीद चलेगी। किसानों को चिंता है कि एक पखवारे में नंबर नहीं आया तो व्यापारियों के हाथों औने- पौने दामों पर गेहूं बेचने को विवश होना पड़ेगा। मड़िहान तहसील क्षेत्र में विभिन्न विभागों के दर्जन भर क्रय केंद्र कागजों पर ही संचालित हो रहे हैं। क्षेत्रीय किसानों ने संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का कई बार ध्यान आकृष्ट कराया किंतु नतीजा सिफर रहा। किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
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