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Mirzapur News: 14 दिन में आए आत्महत्या की कोशिश के 16 केस आए

Wed, 18 Dec 2024 12:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:29 AM IST
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16 cases of suicide attempts reported in 14 days
मिर्जापुर। ठंड के मौसम में इन दिनों आत्महत्या के प्रयास और जान देने के मामलों में बढ़ोतरी हो गई है। सिर्फ मंडलीय अस्पताल में ही 14 दिनों में आत्महत्या के प्रयास के 16 मामले आए हैं। इसमें सबसे अधिक किशोरी और युवतियां हैं। ज्यादातर मामले ग्रामीण क्षेत्र के हैं। परिजनों के डांटने, परिवार में विवाद होेने पर पर कीटनाशक खाकर आत्महत्या के प्रयास किए गए।
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दिसंबर में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर जान देने और आत्महत्या का प्रयास करने के मामले अधिक आ रहे हैं। मंडलीय अस्पताल में तो हर दिन कोई न कोई केस इमरजेंसी में आ रहा है। मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में चार दिसंबर से अब तक 16 मामले आए हैं।
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इसके अलावा सीएचसी-पीएचसी में भी जहर खाने के कई मामले आए है। इसमें चार की जहर खाने से मौत हुई है। चुनार थानाक्षेत्र में प्रेमी-प्रेमिका ने जहर खाने के बाद ट्रेन से कटकर जान दी थी।
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मंडलीय अस्पताल में चार दिसंबर से 17 दिसंबर तक आए 16 मामलों में 16 से लेकर 35 वर्ष तक के लोगों ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया है। इसमें नौ किशोरियों, युवतियों के अलावा सात युवक शामिल हैं।
सभी ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले है। सबसे अधिक मामले लालगंज, हलिया, राजगढ़ और विंध्याचल में है। अस्पताल में आए ज्यादातर मामलों में कीटनाशक खाकर जान देने की कोशिश की गई है। इसमें पति से विवाद होने, माता-पिता की डांट से नाराज होकर विषाक्त पदार्थ खाने के मामले हैं।
इमरजेंसी में प्रतिदिन एक-दो मामले विषाक्त खाने के आते हैं। इसमें कीटनाशक खाने के केस अधिक रहते हैं। ज्यादातर मामले ग्रामीण क्षेत्र के आते हैं। - डाॅ. सुनील सिंह, चिकित्सा अधीक्षक


मौसम में उतार-चढ़ाव से बढ़ता है अवसाद
आत्महत्या का सबसे बड़ा कारण अवसाद है। मौसम में उतार-चढ़ाव होने पर अवसाद बढ़ता है। अवसाद वाला इंसान अंधेरे में रहता है। ठंड का मौसम इसके लिए अनुकूल हो जाता है। दिमाग में आ जाता है कि दुनिया बेकार है, जीना व्यर्थ है। किसी से उम्मीद नहीं है। कोई मदद करने वाला नहीं है। निराशा, उदासी, मूड का स्लो हो जाना, चिड़चिड़ापन होने पर अवसाद के चलते आत्महत्या के मामले बढ़ते हैं। व्यक्ति होपलेस और हेल्पलेसनेस होने पर आत्महत्या करने की सोचता है। अगर किसी परिवार में किसी को ऐसे लक्षण हैं, तो उससे बात करें। समस्या जानें और विशेषज्ञ से मिलें। - डाॅ. राहुल सिंह, मनोवैज्ञानिक
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