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तेरे नाम की बदौलत मेरा नाम हुआ...
अमर उजाला ब्यूरो मिर्जापुर।
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:19 AM IST
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नगर के छोटा मिर्जापुर स्थित सिपाही बाबा के आवास के समीप हजरत ख्वाजा, सूफी शनाउल्लाह शाह हसनी कादरी चिश्ती अबुल जहांगीरी अलैहरहमा का 15 वां सालाना उर्स शनिवार को अकीदत से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित नातिया मुशायरे में दूरदराज से आए शायरे इकराम ने अपने कलाम पेश कर समां बांध दिया। नातिया मुशायरे के उपरांत शानदार कौव्वाली का भी आयोजन किया गया।
सालाना उर्स का आगाज सिपाही बाबा के बड़े सज्जादे सूफी शमसुद्दीन हसनी शनाई जहांगीरी नूरी कादरी सहित हाजी निजामुद्दीन नूरी कादरी, सूफी कमरूद्दीन नूरी कादरी, सूफी सहाबुद्दीन नूरी कादरी एवं सूफी जलालुद्दीन कादरी ने हल्कैय जिक्र फातिया के साथ किया। नातिया मुशायरे में शायर कलीम नूरी ने- खौफ नहीं हमको तूफां के सदके से..तथा शायर अफरोज मिर्जापुरी ने-तेरे नाम की बदौलत मेरा नाम हुआ..पेश कर समां बांध दिया।
शायर मैशर भारतगंजी ने-सारा अलम हो गया सैदा मेरे सरकार का..तथा शायर अफजाल ने-घरों को सजाओ हुजूर आ रहे हैं..सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। शायर जावेद ने- अब खुद को छुपा बैठे करके मुझे दीवाना..पेश कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। हाफिज रियाज ने-फलक के नजारों जमीं की बहारों..पेश कर समां बांध दिया।
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सालाना उर्स का आगाज सिपाही बाबा के बड़े सज्जादे सूफी शमसुद्दीन हसनी शनाई जहांगीरी नूरी कादरी सहित हाजी निजामुद्दीन नूरी कादरी, सूफी कमरूद्दीन नूरी कादरी, सूफी सहाबुद्दीन नूरी कादरी एवं सूफी जलालुद्दीन कादरी ने हल्कैय जिक्र फातिया के साथ किया। नातिया मुशायरे में शायर कलीम नूरी ने- खौफ नहीं हमको तूफां के सदके से..तथा शायर अफरोज मिर्जापुरी ने-तेरे नाम की बदौलत मेरा नाम हुआ..पेश कर समां बांध दिया।
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शायर मैशर भारतगंजी ने-सारा अलम हो गया सैदा मेरे सरकार का..तथा शायर अफजाल ने-घरों को सजाओ हुजूर आ रहे हैं..सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। शायर जावेद ने- अब खुद को छुपा बैठे करके मुझे दीवाना..पेश कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। हाफिज रियाज ने-फलक के नजारों जमीं की बहारों..पेश कर समां बांध दिया।
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