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पहाड़ी भूमि पर है मनबढ़ माफियाओं का है अनाधिकृत कब्जा
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अहरौरा। क्षेत्र के पहाड़ियों पर बाहुबलियों द्वारा अवैध रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा कर धड़ल्ले से क्रशर व कटर प्लांट संचालित किया जा रहे हैं। प्रशासनिक जांच में फिलहाल ऐसे तीन मामले ही सामने आए हैं। लेकिन क्षेत्रीय लोगों की मानें तो अहरौरा क्षेत्र में करीब 25 क्रशर प्लांट और दर्जनों लीज अवैध रूप से चल रहे हैं। ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर खनन किया जा रहा है। स्कूल और आबादी से नजदीक धड़ल्ले से खनन के साथ ही नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। मानक के तहत स्कूल और आबादी से एक किलोमीटर के दायरे में खनन नहीं होना चाहिए। अवैध कब्जे के खेल में कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। और मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
करीब दो दशक से ख़ाली पड़ी पहाड़ खाते की भूमि या बंजर भूमि पर मनबढ़ई से अनाधिकृत कब्जे का खेल चल रहा है। सरकारी भूमि पर कब्जा किए जाने की जानकारी मिलते ही एसडीएम चुनार ने चार क्रशर / कटर प्लांटों को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ शनिवार की रात मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसकी पुलिस विवेचना कर रही है। वहीं दर्जनों से ज्यादा ऐसे प्लांट संचालक बचे हुए हैं जिन्हें अभी कार्यवाही का डर सता रहा है। प्लांट लगाए गए स्थान पर निजी काश्त की भूमि या तो है ही नहीं, या महज खानापूर्ति किए जाने के बराबर है। पहाड़ खाता व बंजर भूमि में वर्षो से अवैध रूप से कब्जा किए जाने का यह खेल चल रहा है। हद तो तब है जब इलाके के काश्तकार भी सब जानकर चुप्पी साधे हुए हैं।
करीब दो दशक से ख़ाली पड़ी पहाड़ खाते की भूमि या बंजर भूमि पर मनबढ़ई से अनाधिकृत कब्जे का खेल चल रहा है। सरकारी भूमि पर कब्जा किए जाने की जानकारी मिलते ही एसडीएम चुनार ने चार क्रशर / कटर प्लांटों को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ शनिवार की रात मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसकी पुलिस विवेचना कर रही है। वहीं दर्जनों से ज्यादा ऐसे प्लांट संचालक बचे हुए हैं जिन्हें अभी कार्यवाही का डर सता रहा है। प्लांट लगाए गए स्थान पर निजी काश्त की भूमि या तो है ही नहीं, या महज खानापूर्ति किए जाने के बराबर है। पहाड़ खाता व बंजर भूमि में वर्षो से अवैध रूप से कब्जा किए जाने का यह खेल चल रहा है। हद तो तब है जब इलाके के काश्तकार भी सब जानकर चुप्पी साधे हुए हैं।
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