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अभी भी है जिले को इंजीनियरिंग कालेज का इंतजार
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मिर्जापुर। वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह सरकार के समय में बथुआ में इंजीनियरिंग कालेज का शिलान्यास किया गया था।
कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को इसका काम दिया गया। बथुआ स्थित राजकीय पालीटेक्निक परिसर की खाली पड़ी जमीन पर इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ। चुनावी वर्ष होने के कारण निर्माण कार्य बड़ी तेजी से शुरू हुआ। डिजाइन व मैप बनने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। उस समय इसकी लागत 89 करोड़ रुपये की आंकी गई थी। काम शुरू न होने पाने से वर्तमान में यह बढ़कर एक अरब रुपये के पार हो गया है। वर्ष 2007 में चुनाव हुआ और बसपा सरकार सत्ता में आई। जैसा कि अपेक्षित था इस विकास कार्य को तत्काल रोक दिया गया। जो लाखों रुपये खर्च हो गए थे वह तो पानी में गए ही। जो अवशेष बजट था उसको भी वापस मंगा लिया गया। पूरे पांच वर्ष तक इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण एकदम से ठप रहा। उसके बाद 2012 में सपा सरकार एक बार फिर से सत्ता में आई। लोगों की उम्मीदें बढ़ी कि अब तो इसका निर्माण पूरा हो ही जाएगा लेकिन पूरा नहीं हो सका। इंजीनियरिंग कालेज नहीं बना। इसके बाद भाजपा सरकार में वर्ष 2017 में इसका निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया। जिले के लोगों को उम्मीद जगी है कि यह बन जाएगा।
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कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को इसका काम दिया गया। बथुआ स्थित राजकीय पालीटेक्निक परिसर की खाली पड़ी जमीन पर इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ। चुनावी वर्ष होने के कारण निर्माण कार्य बड़ी तेजी से शुरू हुआ। डिजाइन व मैप बनने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। उस समय इसकी लागत 89 करोड़ रुपये की आंकी गई थी। काम शुरू न होने पाने से वर्तमान में यह बढ़कर एक अरब रुपये के पार हो गया है। वर्ष 2007 में चुनाव हुआ और बसपा सरकार सत्ता में आई। जैसा कि अपेक्षित था इस विकास कार्य को तत्काल रोक दिया गया। जो लाखों रुपये खर्च हो गए थे वह तो पानी में गए ही। जो अवशेष बजट था उसको भी वापस मंगा लिया गया। पूरे पांच वर्ष तक इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण एकदम से ठप रहा। उसके बाद 2012 में सपा सरकार एक बार फिर से सत्ता में आई। लोगों की उम्मीदें बढ़ी कि अब तो इसका निर्माण पूरा हो ही जाएगा लेकिन पूरा नहीं हो सका। इंजीनियरिंग कालेज नहीं बना। इसके बाद भाजपा सरकार में वर्ष 2017 में इसका निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया। जिले के लोगों को उम्मीद जगी है कि यह बन जाएगा।