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जगह के अभाव में गेंहू खरीद प्रभावित, बारिस का सता रहा भय
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मड़िहान। तहसील क्षेत्र के कलवारी स्थित हॉट शाखा क्रय केन्द्र पर जगह के अभाव में गेहूं की खरीद प्रभावित हो रही है। हालांकि बारिश अभी दूर है लेकिन अगर जल्द ही इंतजाम नहीं हुआ तो भंडारण भीख सकता है। विकासखंड पटेहरा व राजगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवो में किसानों की सुविधा के लिए कुल सत्रह गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। कुछ केन्द्रों पर अभिलेखों में अव्वल खरीद की जा रही है। किंतु सचाई कुछ इसके विपरीत है। सरकार की मंशा पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
किसानों का आरोप है कि उनसे सीधी खरीद नहीं की जा रही है। इसमें बिचौलिए भी सक्रिय हैं। विभाग की निष्क्रियता से समर्थन मूल्य का लाभ बिचौलियों के हाथों में जा रहा है। इससे किसानों का लाभ होने की बजाय किसी और का लाभ हो रहा है। हाट शाखा क्रय केन्द्र कलवारी में अभी तक लगभग चार सौ किसानों से 19 हजार कुंतल गेंहू की खरीद की जा चुकी है। अभी भी किसानों का दबाव क्रय केन्द्रों पर बना हुआ है। कलवारी स्थित गोदाम में जगह का अभाव होने के कारण खरीद का हजारों क्विंटल गेहूं बाहर जमीन पर रखवा दिया गया है। फर्श न होने से चूहे गेंहू व बोरी को बर्बाद कर रहे हैं। मौसम का मिजाज बदला तो गेहूं भी नुकसान हो सकता है। मड़िहान केंद्र प्रभारी विपणन निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि गोदाम में जगह न होने से गेहूं की बाहर रखवाली करना पड़ता है। ठेकेदार कच्छप गति से ढुलाई कर रहे हैं। इसलिए बारिश में भीगने का भय है।
इस संबंध में डीआरएमओ अजित कुमार त्रिपाठी का कहना है कि भंडारण की समस्या कमोवेश पूरे जिले में है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार इसलिए धीरे ढुलाई करता है ताकि किसान केंद्र तक न पहुंचे और बिचौलिए किसानों से गेहूं खरीद कर उसे बेच सकें। जो किसान केंद्र तक पहुंचते भी हैं तो देर होती देखकर वापस हो जा रहे हैं। इसीलिए इस प्रकार का दबाव बनाया जाता है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों का आरोप है कि उनसे सीधी खरीद नहीं की जा रही है। इसमें बिचौलिए भी सक्रिय हैं। विभाग की निष्क्रियता से समर्थन मूल्य का लाभ बिचौलियों के हाथों में जा रहा है। इससे किसानों का लाभ होने की बजाय किसी और का लाभ हो रहा है। हाट शाखा क्रय केन्द्र कलवारी में अभी तक लगभग चार सौ किसानों से 19 हजार कुंतल गेंहू की खरीद की जा चुकी है। अभी भी किसानों का दबाव क्रय केन्द्रों पर बना हुआ है। कलवारी स्थित गोदाम में जगह का अभाव होने के कारण खरीद का हजारों क्विंटल गेहूं बाहर जमीन पर रखवा दिया गया है। फर्श न होने से चूहे गेंहू व बोरी को बर्बाद कर रहे हैं। मौसम का मिजाज बदला तो गेहूं भी नुकसान हो सकता है। मड़िहान केंद्र प्रभारी विपणन निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि गोदाम में जगह न होने से गेहूं की बाहर रखवाली करना पड़ता है। ठेकेदार कच्छप गति से ढुलाई कर रहे हैं। इसलिए बारिश में भीगने का भय है।
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इस संबंध में डीआरएमओ अजित कुमार त्रिपाठी का कहना है कि भंडारण की समस्या कमोवेश पूरे जिले में है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार इसलिए धीरे ढुलाई करता है ताकि किसान केंद्र तक न पहुंचे और बिचौलिए किसानों से गेहूं खरीद कर उसे बेच सकें। जो किसान केंद्र तक पहुंचते भी हैं तो देर होती देखकर वापस हो जा रहे हैं। इसीलिए इस प्रकार का दबाव बनाया जाता है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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