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टि ब्लाक में लक्ष्य से पिछड़ा शौचालय निर्माण
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मिर्जापुर। जिले के सभी विकास खंडों में लक्ष्य के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन के एलओबी के तहत बनने वाले शौचालयों का निर्माण कार्य पिछड़ा है। यदि जिले की बात करें तो यह लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 38. 94 फीसद ही हासिल किया जा सका है। मंडल मुख्यालय वाले सिटी ब्लाक का हाल भी बेहाल है।
जिले में इस वर्ष 72 हजार तीन सौ 74 शौचालयों के बनने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से अब तक मात्र 28 हजार एक सौ 18 शौचालय ही बनाए जा सके हैं। कई विकास खंडों में तो लक्ष्य का 50 फीसद भी शौचालय नहीं बनाया जा सका है। यह स्थिति उस समय है जबकि पूरे जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। प्रदेश में सबसे पहले ओडीएफ घोषित होने वाले सीखड़ विकास खंड में भी इस योजना के तहत एक हजार पांच सौ 44 के सापेक्ष मात्र पांच सौ 79 शौचालय ही बनाए जा सके हैं। इतना ही नहीं फोटो अपलोड करने में भी शासन को भ्रमित किया जा रहा है। सिटी ब्लाक के नौंहा बिहारी, चेरूईराम, भरूहना व अन्य कई ग्राम सभाओं का हाल बेहाल है। सिटी ब्लाक में भी लक्ष्य सात हजार 64 के सापेक्ष मात्र तीन हजार पांच सौ 69 शौचालय ही बनाए गए हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने ग्राम सचिवों, खंड प्रेरकों व सभी एडीओ पंचायत की बैठक लेकर समीक्षा की थी और उनको 31 मई तक सभी शौचालयों के निर्माण कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया था। सीडीओ ने कहा कि यदि इसमें जरा भी शिथिलता बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में इस वर्ष 72 हजार तीन सौ 74 शौचालयों के बनने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से अब तक मात्र 28 हजार एक सौ 18 शौचालय ही बनाए जा सके हैं। कई विकास खंडों में तो लक्ष्य का 50 फीसद भी शौचालय नहीं बनाया जा सका है। यह स्थिति उस समय है जबकि पूरे जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। प्रदेश में सबसे पहले ओडीएफ घोषित होने वाले सीखड़ विकास खंड में भी इस योजना के तहत एक हजार पांच सौ 44 के सापेक्ष मात्र पांच सौ 79 शौचालय ही बनाए जा सके हैं। इतना ही नहीं फोटो अपलोड करने में भी शासन को भ्रमित किया जा रहा है। सिटी ब्लाक के नौंहा बिहारी, चेरूईराम, भरूहना व अन्य कई ग्राम सभाओं का हाल बेहाल है। सिटी ब्लाक में भी लक्ष्य सात हजार 64 के सापेक्ष मात्र तीन हजार पांच सौ 69 शौचालय ही बनाए गए हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने ग्राम सचिवों, खंड प्रेरकों व सभी एडीओ पंचायत की बैठक लेकर समीक्षा की थी और उनको 31 मई तक सभी शौचालयों के निर्माण कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया था। सीडीओ ने कहा कि यदि इसमें जरा भी शिथिलता बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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