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रंगभरी एकादशी पर लाखों भक्तों ने शीश नवाया
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:08 AM IST
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विंध्याचल। रंगभरी एकादशी के अवसर पर श्रद्घालुओं ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर सुख शांति की कामना की। एकादशी के मौके पर भक्त रविवार की देर रात्रि से ही विंध्य धाम में पहुंचना शुरू कर दिए थे। सोमवार की सुबह से ही गंगा घाटों पर स्नान के लिए दर्शनार्थियों का जमावड़ा लग गया था। भोर की मंगला आरती के बाद से आरंभ हुआ दर्शन पूजन का दौर देर रात्रि तक जारी रहा। इस दौरान लाखों श्रद्घालुओं ने मां के दरबार में पहुंच कर शीश नवा मंगल कामना की। विंध्य पंडा समाज व पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में लगा रहा।
भोर की मंगला आरती के पूर्व ही दूर दराज से आए भक्त गंगा स्नान करने के बाद कतारबद्घ होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। विंध्यधाम की सभी गलियां मां के जयकारों से गूंज रही थीं। दर्शनार्थी हाथों में माला, फूल, नारियल व चुनरी लिए जय मां दुर्गा जय मां तारा का जयकारा लगाते रहे। वहीं धाम में प्रसाद व अन्य सामानों की दुकानें सजी रहीं। दुकानों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के बाद श्रद्घालुओं नेे कालीखोह में विराजमान मां काली जी, पहाड़ों पर विराजने वाली मां अष्टभुजा देवी एवं रामगया घाट स्थित मां तारा देवी के दर्शन भी किए।
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भोर की मंगला आरती के पूर्व ही दूर दराज से आए भक्त गंगा स्नान करने के बाद कतारबद्घ होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। विंध्यधाम की सभी गलियां मां के जयकारों से गूंज रही थीं। दर्शनार्थी हाथों में माला, फूल, नारियल व चुनरी लिए जय मां दुर्गा जय मां तारा का जयकारा लगाते रहे। वहीं धाम में प्रसाद व अन्य सामानों की दुकानें सजी रहीं। दुकानों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के बाद श्रद्घालुओं नेे कालीखोह में विराजमान मां काली जी, पहाड़ों पर विराजने वाली मां अष्टभुजा देवी एवं रामगया घाट स्थित मां तारा देवी के दर्शन भी किए।
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