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सूरत व वापी से आए 1471 श्रमिक
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मिर्जापुर। जिले में प्रवासी श्रमिकों को लेकर गुरुवार की सुबह दो ट्रेन आई। एक ट्रेन से 1338 और दूसरी ट्रेन से 133 श्रमिक मिर्जापुर स्टेशन पर उतरे। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन के पहुंचने पर अधिकारियों ने ताली बजाकर यात्रियों का स्वागत किया। आरपीएफ और जीआरपी के एक-एक जवान एक-एक बोगी पर खड़े थे। सबसे पहले ट्रेन के स्टेशन पर रूकने के बाद हर बोगी पर नंबर चस्पा किया गया और उसके आगे क्रम संख्या का स्टैंड लगाया गया। इसके बाद जिला वार यात्रियों को बोगी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उनकी जांच कर बसों से घर भेजवाया गया।
गुरुवार की सुबह पहली ट्रेन साढ़े चार बजे सूरत से आई। इसमें जौनपुर के 87, आजमगढ़ के 35, भदोही के 587, वाराणसी के 115, फमेहपुर के 14, प्रयागराज के 59, कौशांबी के तीन, गाजीपुर के चार, बलिया के छह, मिर्जापुर के 174, सुल्तापुर के पांच, अमेठी के तीन, प्रतापगढ़ के 10, सोनभद्र के 59, अंबेडकरनग्रर के 11, फैजाबाद के 23, अकबरपुर के एक, देवरियां से पांच, गोरखपुर से छह, कानपुर से दो, फरुखाबाद से 16, चित्रकूट से नौ, जालौन से दो, महोबा से दो श्रमिक थे। जिन्हें 32 बसों में बैठाकर घर के लिए रवाना किया गया। दूसरी ट्रेन वापी गुजरात से सुबह साढ़े आठ बजे आई। इसमें मिर्जापुर के 89 और सोनभद्र के 44 श्रमिक थे। सभी को तीन बसों से घर भेजवाया गया। मिर्जापुर के श्रमिकों को घर जाने से पहले पड़री के शिवलोक श्रीनेत महाविद्यालय में ले जाकर जांच कराया गया।
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गुरुवार की सुबह पहली ट्रेन साढ़े चार बजे सूरत से आई। इसमें जौनपुर के 87, आजमगढ़ के 35, भदोही के 587, वाराणसी के 115, फमेहपुर के 14, प्रयागराज के 59, कौशांबी के तीन, गाजीपुर के चार, बलिया के छह, मिर्जापुर के 174, सुल्तापुर के पांच, अमेठी के तीन, प्रतापगढ़ के 10, सोनभद्र के 59, अंबेडकरनग्रर के 11, फैजाबाद के 23, अकबरपुर के एक, देवरियां से पांच, गोरखपुर से छह, कानपुर से दो, फरुखाबाद से 16, चित्रकूट से नौ, जालौन से दो, महोबा से दो श्रमिक थे। जिन्हें 32 बसों में बैठाकर घर के लिए रवाना किया गया। दूसरी ट्रेन वापी गुजरात से सुबह साढ़े आठ बजे आई। इसमें मिर्जापुर के 89 और सोनभद्र के 44 श्रमिक थे। सभी को तीन बसों से घर भेजवाया गया। मिर्जापुर के श्रमिकों को घर जाने से पहले पड़री के शिवलोक श्रीनेत महाविद्यालय में ले जाकर जांच कराया गया।
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