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सरकारी विभागों व उद्यमों को निजीकरण की नीति जन-विरोधी

Fri, 06 Apr 2018 12:08 AM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:08 AM IST
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सरकारी विभागों व उद्यमों को निजीकरण की नीति जन-विरोधी
मिर्जापुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति मिर्जापुर की ओर से गुरुवार को विद्युत विभाग को निजीकरण कर निजी हाथों में सौंपे जाने के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के उपरांत सांयकाल मुख्य अभियंता वितरण के कार्यालय पर कार्य बहिष्कार आंदोलन किया गया। सभा की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता भंडार ई. दूधनाथ प्रसाद व संचालन ई. अभय सिंह ने किया। सभा के दौरान ई. सूरज शाह ने कहा कि निजीकरण के विरोध में चलाए जा रहे जन-जागरण अभियान को अपार सफलता मिल रही है और प्रदेश के सभी जनपदों में संगठन के प्रतिनिधि मंडल द्वारा जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर विरोध प्रेषित किया जा रहा है। विनोद सिंह ने कहा कि विगत 17 दिनों से लगातार कार्य बहिष्कार किया जा रहा है, जिसका साकारात्मक परिणाम अतिशीघ्र प्राप्त होने वाला है। अनुराग अग्रवाल ने कहा कि सरकार की सरकारी विभागों, उद्यमों को निजीकरण की नीति जन-विरोधी है, जिसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। सभा को ई. यदुनाथ राम सहित एके सिंह, अतुल रघुवंशी, मुकेश चौरसिया, चंद्रबली, राम सिंह, विनय कुमार, विपिन पटेल, अभिषेक यादव, मुकेश चौरसिया, अभय सिंह, विपिन पटेल, रमन चतुर्वेदी, रमेश गौतम आदि मौजूद रहे।
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