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किसानों ने सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ किया प्रदर्शन
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:51 AM IST
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मिर्जापुर। विकास खंड सिटी के परवा राजधर के काश्तकारों ने बुधवार को सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि इस समय चकबंदी प्रक्रिया चल रही है जिसमें सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। जिसकी जांच करा कर काश्तकारों को न्याय दिलाया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि इस समय क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। हाल ही में जब कास्तकारों को प्रपत्र 23 प्रकाशन वितरित किया गया तो ग्रामीणों ने पाया कि उनके मूल चक को हटा कर किसी दूसरे को पैसे के बल पर सहायक चकबंदी अधिकारी एवं कानूनगो द्वारा दे दिया गया है। जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। कहा कि मामले से संबंधित अधिकारियों एवं सांसद तक को अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि एक बीघे वाले काश्तकार के खेत को तीन खंडों में बांटा गया है और तीनों खंड को दो किलोमीटर की दूरी पर रखा गया है। कहा कि सड़क किनारे जिनका खेत है उन्हें हटा कर दूसरे को दे दिया गया है। उनके स्थान पर काश्तकारों को उड़ान चक दे दिया गया है। किसानों ने खेती करने वाले खेत को दिलाने की मांग की। कहा कि ऐसा नहीं किया गया तो वह सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के बाध्य होंगे। इस दौरान विंध्यवासिनी पांडेय, शिवनारायण दूबे, प्रेम शंकर, सूर्य प्रकाश, सुशील, हौसला प्रसाद, श्याम सुंदर, राजकुमार, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने कहा कि इस समय क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। हाल ही में जब कास्तकारों को प्रपत्र 23 प्रकाशन वितरित किया गया तो ग्रामीणों ने पाया कि उनके मूल चक को हटा कर किसी दूसरे को पैसे के बल पर सहायक चकबंदी अधिकारी एवं कानूनगो द्वारा दे दिया गया है। जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। कहा कि मामले से संबंधित अधिकारियों एवं सांसद तक को अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि एक बीघे वाले काश्तकार के खेत को तीन खंडों में बांटा गया है और तीनों खंड को दो किलोमीटर की दूरी पर रखा गया है। कहा कि सड़क किनारे जिनका खेत है उन्हें हटा कर दूसरे को दे दिया गया है। उनके स्थान पर काश्तकारों को उड़ान चक दे दिया गया है। किसानों ने खेती करने वाले खेत को दिलाने की मांग की। कहा कि ऐसा नहीं किया गया तो वह सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के बाध्य होंगे। इस दौरान विंध्यवासिनी पांडेय, शिवनारायण दूबे, प्रेम शंकर, सूर्य प्रकाश, सुशील, हौसला प्रसाद, श्याम सुंदर, राजकुमार, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
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