{"_id":"5a832c064f1c1bff388b7f59","slug":"141518545926-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम पंचायत अधिकारियों ने मांगी पुरानी पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम पंचायत अधिकारियों ने मांगी पुरानी पेंशन
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के तत्वावधान में ग्राम पंचायत अधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग की। ग्राम पंचायत अधिकारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को सौंपा। अध्यक्षता करते हुए केके सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते रहेंगे।
जिलाध्यक्ष अक्षयबरनाथ यादव ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से उच्चीकृत करते हुए स्नातक कामर्स, विज्ञान और कृषि किया जाए। साथ ही ग्रेड वेतन 28 सौ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती स्रोत को अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि छठवें वेतन आयोग से उत्पन्न वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए उपलब्ध प्रोन्नत पदों का वेतनमान सुनिश्चित किया जाए। जिला मंत्री पीयूष दुबे ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विभागीय कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी की प्रोन्नति के अवसर बढ़ाए जाएं। क्षेत्र पंचायत स्तर पर सृजित कराए जाएं। जिला मंत्री सुधीर दुबे ने कहा कि जिला स्तर और खंड स्तर पर अनदेखी करके चयन सूची ग्राम पंचायत के माध्यम से नही करा कर जिम्मेदार अधिकारी ग्राम पंचायत अधिकारी को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करते हैं, जबकि आवास चयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। इससे ग्राम पंचायत अधिकारियों की छवि धूमिल हो रही है। संचालन करते हुए विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के देयकों का भुगतान रिटायर होने के पूर्व किया जाए। इस दौरान अमर बहादुर सिंह, शिवराम सोनकर, श्रीकृष्ण उपाध्याय, प्रिया सिंह, शेेष नारायण सिंह, मूलचंद्र यादव, बबलू गुप्ता, गोविंद सिंह, मनोज यादव, हरिशंकर पांडेय आदि ने समस्याओं के निदान की मांग की।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष अक्षयबरनाथ यादव ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से उच्चीकृत करते हुए स्नातक कामर्स, विज्ञान और कृषि किया जाए। साथ ही ग्रेड वेतन 28 सौ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती स्रोत को अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि छठवें वेतन आयोग से उत्पन्न वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए उपलब्ध प्रोन्नत पदों का वेतनमान सुनिश्चित किया जाए। जिला मंत्री पीयूष दुबे ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विभागीय कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी की प्रोन्नति के अवसर बढ़ाए जाएं। क्षेत्र पंचायत स्तर पर सृजित कराए जाएं। जिला मंत्री सुधीर दुबे ने कहा कि जिला स्तर और खंड स्तर पर अनदेखी करके चयन सूची ग्राम पंचायत के माध्यम से नही करा कर जिम्मेदार अधिकारी ग्राम पंचायत अधिकारी को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करते हैं, जबकि आवास चयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। इससे ग्राम पंचायत अधिकारियों की छवि धूमिल हो रही है। संचालन करते हुए विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के देयकों का भुगतान रिटायर होने के पूर्व किया जाए। इस दौरान अमर बहादुर सिंह, शिवराम सोनकर, श्रीकृष्ण उपाध्याय, प्रिया सिंह, शेेष नारायण सिंह, मूलचंद्र यादव, बबलू गुप्ता, गोविंद सिंह, मनोज यादव, हरिशंकर पांडेय आदि ने समस्याओं के निदान की मांग की।
विज्ञापन