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नारी शक्ति गढ़ रहीं सफलता के नए प्रतिमान
Fri, 01 Mar 2019 12:38 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:38 AM IST
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वासलीगंज स्थित वार्टन पब्लिक स्कूल में गुरुवार को अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल के तहत सजगता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति की गूंज धरती से अंतरिक्ष तक है। वे नित नए सफलता के प्रतिमान गढ़ कर रही हैं। इसलिए महिलाओं को किसी मामले में कमतर नहीं आंकना चाहिए। मुख्य अतिथि स्वरलीन कौर ने कहा भारतीय नारियों ने आदि काल से लेकर आधुनिक काल तक अपनी क्षमता और मेधा का परचम लहराया है।
माता सीता से लेकर आधुनिक काल में झांसी की रानी की गाथा कोई नहीं भूल सकता। देश के प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक के पदों को नारी शक्ति ने सुशोभित किया है। अंकिता अग्रहरि ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने धरती से अंतरिक्ष तक अपनी धाक जमाई है। कल्पना चावला को क्या कोई भूल सकता है। वैशाली केशरी ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में सर्वोच्च पद पर आसीन होकर भारतीय नारियों के मनोबल को बढ़ाया है। आकांक्षा गुप्ता ने कहा भारतीय संविधान ने महिलाओं एवं पुरुषों को बराबरी का दर्जा दिया है। महिलाओ ने भी हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया है
रूखसार ने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र नारियों से अछूता नहीं है। हर जगह नारियों ने अपनी धाक जमाई है। रश्मि श्रीवास्तव ने कहा नारी यदि सीता है तो अन्याय के खिलाफ रणचंडी बनने में भी उसको समय नहीं लगता। अपनी योग्यता से हर जगह सफलता प्राप्त कर रही है। इस मौके पर प्रीति यादव, जूही वर्मा, तलत तसलीन, शैला, सबा, रागिनी समेत 50 छात्राएं, शिक्षिकाएं मौजूद थीं। विद्यालय के प्रबंधक श्याम बाबू केशरवानी आभार जताया।
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माता सीता से लेकर आधुनिक काल में झांसी की रानी की गाथा कोई नहीं भूल सकता। देश के प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक के पदों को नारी शक्ति ने सुशोभित किया है। अंकिता अग्रहरि ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने धरती से अंतरिक्ष तक अपनी धाक जमाई है। कल्पना चावला को क्या कोई भूल सकता है। वैशाली केशरी ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों में सर्वोच्च पद पर आसीन होकर भारतीय नारियों के मनोबल को बढ़ाया है। आकांक्षा गुप्ता ने कहा भारतीय संविधान ने महिलाओं एवं पुरुषों को बराबरी का दर्जा दिया है। महिलाओ ने भी हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया है
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रूखसार ने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र नारियों से अछूता नहीं है। हर जगह नारियों ने अपनी धाक जमाई है। रश्मि श्रीवास्तव ने कहा नारी यदि सीता है तो अन्याय के खिलाफ रणचंडी बनने में भी उसको समय नहीं लगता। अपनी योग्यता से हर जगह सफलता प्राप्त कर रही है। इस मौके पर प्रीति यादव, जूही वर्मा, तलत तसलीन, शैला, सबा, रागिनी समेत 50 छात्राएं, शिक्षिकाएं मौजूद थीं। विद्यालय के प्रबंधक श्याम बाबू केशरवानी आभार जताया।
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