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जनपद में आने वाले दिनों में नहीं मिलेगा पानी

Sat, 23 Mar 2019 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2019 12:30 AM IST
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जनपद में आने वाले दिनों में नहीं मिलेगा पानी
मिर्जापुर। आज पूरा विश्व पानी को बचाने के लिए तरह- तरह का प्रयोग कर रहा है। एक एक बूंद पानी बचाने के लिए वैज्ञानिक से लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत अन्य लोग मंथन कर रहे हैं। फिर भी वाटर लेवल को घटने से नहीं रोक पा रहे हैं। आज जल संरक्षण की आवश्यकता इसी बात से समझी जा सकती है कि हमें पीने का शुद्ध पानी भी खरीदना पड़ता है।समय रहते हमें अपनी पृथ्वी को इस भयंकर आपदा से बचाना होगा।
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जनपद की स्थिति और भी भवावह है। नदियों और बांधों से अच्छादित जनपद में जल के बहुत श्रोत है लेकिन गर्मी आते ही जिले आधा पेयजल की संकट से जूझने लगता है। जल संरक्षण का उचित प्रबंध न हो पाने के कारण बरसात का पानी नदियों नालों के माध्यम से समुद्र में पहुंचकर बर्बाद हो जा रहा है। जिले में गंगा, बेलन, जरगों, कर्णावती, खजुरी, कललिया सहित कई नदिया अपनी प्रवाह में बहती है। बरसात के दिनों में कई इलाके बाढ़ से डूब जाते है। लेकिन गर्मी आते आते पानी का संकट यहां पैदा हो जाता है। इस संकट से उबरने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के पास कोई विकल्प नहीं है। जनपद में कुछ प्रमुख बांध, जरगो, अहरौरा, सिरसी, अदवां, टांडाफाल, बांधों में पानी संरक्षित किया जाता है जिसके माध्यम से सिंचाई एवं पीने का काम चलता है। इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्रफल में जल संरक्षण के आपार संभावनाए है। नदियों के पानी को बरसात के दिनों में और बांध बना करके संरक्षित कर दिया जाए तो पूरे जिले में कभी भी जल संकट नहीं होगा। राजनीतिक अदूरर्शिता एवं प्रशासनिक लापरवाही के चलते बरसात का लाखों क्यूसेक जल बर्बाद हो जा रहा है। नगरीय इलाको में भी जल संरक्षण के लिए रेन हारवेस्टिंग सिस्टम का भी पालन नहीं किया जा रहा है। यहीं हाल रहा तो आने वाले दिनों में जल से भरे लबालब बांध प्रवाह से बहती नदिया पूरी तरह सूख जाएंगी और लोग पानी के लिए तरसने लगेंगे। सबसे बुरा हाल तो जनपद के हलिया इलाके लहुरिया दह और मड़िहान का है। जहां पर साल में अधिकर दिनों तक टैंकर से पानी की सप्लाई करनी पड़ती है जो नाकाफी है। यहीं नहीं लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए दस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। जिले के पर्वतीय इलाके में मार्च महीने में ही जल का संकट उत्पन्न होने लगा है।
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मिर्जापुर। जनपद में प्रतिवर्ष एक फीट जलस्तर घट रहा है। जिससे धीरे धीरे जनपद पेयजल की समस्या से जूझ रहा है। गर्मी के दिनों में एक बाल्टी पानी के लिए पहाड़ी इलाकों में मारपीट तक हो जाती है।
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कहा कितना है जलस्तर
क्षेत्र जलस्तर
मझवां 35 फीट पर
शहर में 28 फीट
मड़िहान में 20 फीट गर्मी के दिनों में पानी नहीं
हलिया 20 फीट गर्मी में पानी नहीं
लालगंज 25 फीट गर्मी में पानी नहीं
पहाड़ी में 35 फीट गर्मी में पानी की समस्या


जिले में वर्तमान समय में पेयजल की स्थिति बहुत खराब है। हर साल एक फीट जलस्तर घट रहा है। सरकार को वाटर हारवेस्टिंग प्लान बनाना होगा तभी इससे निजात मिलने की संभावना है।
- अबरार अहमद, अवर अभियंता जल निगम
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