{"_id":"650c91a995f33ef91b0d6794","slug":"10-dengue-patients-being-admitted-to-the-hospital-every-day-ward-full-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-5893-2023-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती हो रहे डेंगू के 10 मरीज, वार्ड फुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती हो रहे डेंगू के 10 मरीज, वार्ड फुल
विज्ञापन
मिर्जापुर। डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन बुखार से पीड़ित 200 से 300 मरीज आ रहे हैं। इनमें जांच के बाद प्रतिदिन करीब 10 मरीजों को डेंगू निकल रहा है। उनको डेंगू वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
बरसात के मौसम में उमस भरी गर्मी व तेज धूप होने के कारण बीमारियां बढ़ने लगी हैं। इस समय सबसे अधिक बुखार से पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। मेडिकल काॅलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल में फिजिशियन डाॅक्टरों की दो ओपीडी है। एक एनसीडी क्लीनिक की ओपीडी है। यहां प्रतिदिन वायरल बुखार और डेंगू के लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। जांच कराने पर प्रतिदिन करीब 10 डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। जिनको भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए पहले छह बेड का एक वार्ड बनाया गया था। इस बीच 10 सितंबर के बाद से डेंगू के मरीज बढ़ने लगे। मरीजों की संख्या बढ़ने पर 34 बेड का नया वार्ड बनाया गया। इस समय सभी वार्ड फुल चल रहे हैं। अब तक जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। बीते 10 सितंबर से बने नए वार्ड में डेंगू के अब तक 142 मरीज भर्ती हो चुके हैं।
उधर, मेडिकल काॅलेज में इस बार डेंगू की जांच किट के साथ ही एलाइजा मशीन से भी हो रही है। पहले सिर्फ किट से जांच होती थी। अब दो एलाइजा मशीन मंगाई गई है। जिससे जांच में डेंगू की पुष्टि होती है। डाॅ. दिलीप चौरसिया ने बताया कि डेंगू के उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनका प्लेटलेट्स कम रहता है। जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स चढ़ाये जाते हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल का कहना है कि डेंगू के मरीज के इलाज के लिए अस्पताल में पूरी व्यवस्था है। अगल से वार्ड बनाया गया है। इस समय वार्ड फुल चल रहे हैं। मरीज बढ़ने पर बेड बढ़ा दिए जाते हैं। दवा जांच आदि सारी व्यवस्था है। अब तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरसात के मौसम में उमस भरी गर्मी व तेज धूप होने के कारण बीमारियां बढ़ने लगी हैं। इस समय सबसे अधिक बुखार से पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। मेडिकल काॅलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल में फिजिशियन डाॅक्टरों की दो ओपीडी है। एक एनसीडी क्लीनिक की ओपीडी है। यहां प्रतिदिन वायरल बुखार और डेंगू के लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। जांच कराने पर प्रतिदिन करीब 10 डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। जिनको भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए पहले छह बेड का एक वार्ड बनाया गया था। इस बीच 10 सितंबर के बाद से डेंगू के मरीज बढ़ने लगे। मरीजों की संख्या बढ़ने पर 34 बेड का नया वार्ड बनाया गया। इस समय सभी वार्ड फुल चल रहे हैं। अब तक जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। बीते 10 सितंबर से बने नए वार्ड में डेंगू के अब तक 142 मरीज भर्ती हो चुके हैं।
विज्ञापन
उधर, मेडिकल काॅलेज में इस बार डेंगू की जांच किट के साथ ही एलाइजा मशीन से भी हो रही है। पहले सिर्फ किट से जांच होती थी। अब दो एलाइजा मशीन मंगाई गई है। जिससे जांच में डेंगू की पुष्टि होती है। डाॅ. दिलीप चौरसिया ने बताया कि डेंगू के उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनका प्लेटलेट्स कम रहता है। जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स चढ़ाये जाते हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल का कहना है कि डेंगू के मरीज के इलाज के लिए अस्पताल में पूरी व्यवस्था है। अगल से वार्ड बनाया गया है। इस समय वार्ड फुल चल रहे हैं। मरीज बढ़ने पर बेड बढ़ा दिए जाते हैं। दवा जांच आदि सारी व्यवस्था है। अब तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है।
विज्ञापन