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युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों को जानने का मिलेगा मौका : प्रो. तनेजा
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युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों को जानने का मिलेगा मौका : प्रो. तनेजा
मेरठ। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण कराने के उद्देश्य से अमृत महोत्सव समारोह आयोजित कराने का लक्ष्य रखा है। यह बात शुक्रवार को सीसीएसयू के इतिहास विभाग में कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कही।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कुलपति ने कहा कि 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ दांडी मार्च शुरू किया था। पांच अप्रैल 1930 को गांधी जी समुद्र तट स्थित दांडी नामक स्थल पहुंचे थे, जहां उन्होंने 06 अप्रैल को समुद्र के खारे पानी से नमक बनाकर अंग्रेज सरकार का नमक कानून तोड़ा था। इस प्रकार सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरूआत हुई थी। इसके बाद पूरे देश में अंग्रेजों के नमक कानून के विरोध में जन आंदोलन खड़ा हो गया था। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गांधी जी के योगदान पर प्रकाश डाला। साहित्यिक-सांस्कृतिक परिषद् के समन्वयक एवं आयोजन समिति के समन्वयक प्रो. विघ्नेश कुमार ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ शहर के योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. शुचि द्वारा राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति की गई। डॉ. क्षमा गुप्ता ने संचालन किया। डॉ. अजय विजय कौर, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग ने स्वतंत्रता संग्राम को आज के संदर्भ में प्रासंगिक एवं युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
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मेरठ। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण कराने के उद्देश्य से अमृत महोत्सव समारोह आयोजित कराने का लक्ष्य रखा है। यह बात शुक्रवार को सीसीएसयू के इतिहास विभाग में कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कही।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कुलपति ने कहा कि 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ दांडी मार्च शुरू किया था। पांच अप्रैल 1930 को गांधी जी समुद्र तट स्थित दांडी नामक स्थल पहुंचे थे, जहां उन्होंने 06 अप्रैल को समुद्र के खारे पानी से नमक बनाकर अंग्रेज सरकार का नमक कानून तोड़ा था। इस प्रकार सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरूआत हुई थी। इसके बाद पूरे देश में अंग्रेजों के नमक कानून के विरोध में जन आंदोलन खड़ा हो गया था। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गांधी जी के योगदान पर प्रकाश डाला। साहित्यिक-सांस्कृतिक परिषद् के समन्वयक एवं आयोजन समिति के समन्वयक प्रो. विघ्नेश कुमार ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ शहर के योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. शुचि द्वारा राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति की गई। डॉ. क्षमा गुप्ता ने संचालन किया। डॉ. अजय विजय कौर, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग ने स्वतंत्रता संग्राम को आज के संदर्भ में प्रासंगिक एवं युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
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