{"_id":"678ab6eb03a9bada6206122c","slug":"youth-acquitted-in-murder-case-due-to-lack-of-evidence-meerut-news-c-14-1-mrt1051-760771-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: हत्या के मामले में सबूत न मिलने पर युवक दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: हत्या के मामले में सबूत न मिलने पर युवक दोषमुक्त
विज्ञापन
नौ साल पहले घाट गांव में हुई थी सचिन की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम, मेरठ राकेश कुमार सिंह ने हत्या के आरोप में आरोपी कोस्तुभ दीक्षित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
परतापुर थाने पर घाट गांव निवासी कंवर सिंह ने 31 मार्च 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पुत्र सचिन व नितिन के साथ अपने घेर में था। तीन लड़के बाइक पर आए। उन्होंने सचिन को आवाज देकर बुलाया और उसे अपने साथ बैठाकर ले गए। तभी थोड़ी दूर गोली चलने के आवाज आई। मौके पर जाकर देखा तो सचिन को गोली लगी हुई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान सचिन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस की विवेचना के दौरान आरोपी कोस्तुभ दीक्षित निवासी जेलचुंगी का नाम प्रकाश में आया। न्यायालय में आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसके निर्देश होने के साक्ष्य आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखकर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एक अन्य को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया था। लेकिन नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड मेरठ में विचारण हेतु अलग हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम, मेरठ राकेश कुमार सिंह ने हत्या के आरोप में आरोपी कोस्तुभ दीक्षित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
परतापुर थाने पर घाट गांव निवासी कंवर सिंह ने 31 मार्च 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पुत्र सचिन व नितिन के साथ अपने घेर में था। तीन लड़के बाइक पर आए। उन्होंने सचिन को आवाज देकर बुलाया और उसे अपने साथ बैठाकर ले गए। तभी थोड़ी दूर गोली चलने के आवाज आई। मौके पर जाकर देखा तो सचिन को गोली लगी हुई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान सचिन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
पुलिस की विवेचना के दौरान आरोपी कोस्तुभ दीक्षित निवासी जेलचुंगी का नाम प्रकाश में आया। न्यायालय में आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसके निर्देश होने के साक्ष्य आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखकर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एक अन्य को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया था। लेकिन नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड मेरठ में विचारण हेतु अलग हो गई थी।
विज्ञापन