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आत्मनिर्भरता की कहानी: ऊन और क्रोशिया के धागों से किस्मत बुन रहीं युवतियां, बना रहीं आकर्षक उत्पाद

Wed, 30 Sep 2026 12:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 30 Sep 2026 12:37 PM IST
सार

सहारनपुर में युवतियां ऊन और क्रोशिया के पारंपरिक हुनर को नए डिजाइन के साथ रोजगार का जरिया बना रही हैं। हेयर बैंड, मोबाइल कवर और की-चेन जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

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Young Women Turn Wool and Crochet Skills into a Source of Self-Reliance, Creating Handmade Products
आत्मनिर्भर बनीं बेटियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर में कभी घर की बुजुर्ग महिलाओं तक सीमित रहने वाली सुई-धागे और क्रोशिया की कारीगरी अब युवतियों के लिए आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है। युवतियां पारंपरिक हुनर को नए डिजाइन और आकर्षक अंदाज में ढालकर बाजार तक पहुंचा रही हैं।

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पारंपरिक हुनर को दिया नया अंदाज
आधुनिक दौर में हाथ से तैयार होने वाले सामान का चलन कम हुआ है, लेकिन युवतियां ऊन और क्रोशिया की कारीगरी को नए डिजाइन के साथ आगे बढ़ा रही हैं। धागों से तैयार किए गए छोटे-छोटे सजावटी सामान लोगों को पसंद आ रहे हैं।
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ग्राहकों की मांग के अनुसार उत्पादों के रंग, डिजाइन और आकार में बदलाव किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से तैयार सामान की तस्वीरें ग्राहकों तक पहुंचाई जाती हैं। इसके बाद ग्राहक अपनी पसंद का रंग और डिजाइन बताते हैं और उसी के अनुसार उत्पाद तैयार किया जाता है।
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हेयर बैंड से मोबाइल कवर तक
ऊन से हेयर बैंड, हेयर क्लिप, मोबाइल कवर, छोटे पर्स और कई तरह के सजावटी सामान तैयार किए जा रहे हैं। वहीं क्रोशिया से सूरजमुखी के फूलों के गुलदस्ते, बुरी नजर से बचाने वाले चाबी के छल्ले और पेंगुइन की आकृति वाले की-चेन समेत कई आकर्षक उत्पाद बनाए जा रहे हैं।

50 से 5000 रुपये तक कीमत
हस्तनिर्मित उत्पादों की कीमत करीब 50 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक है। उत्पाद के डिजाइन, आकार और मेहनत के आधार पर कीमत तय की जाती है। सोशल मीडिया के जरिये ग्राहक सीधे अपनी पसंद के उत्पाद के लिए संपर्क कर रहे हैं।

शौक से शुरू हुआ काम, अब आमदनी का जरिया
दिल्ली रोड निवासी आयुषी ने बताया कि हाथ से तैयार किए गए सामान की अपनी अलग पहचान है। वह क्रोशिया के काम को नए डिजाइन के साथ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। उनके अनुसार प्रचार के लिए सोशल मीडिया सशक्त माध्यम बनकर उभरा है और ग्राहकों की पसंद के अनुसार उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

दिल्ली रोड निवासी खुशी धीमान ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में इसे शौक के तौर पर शुरू किया था। धीरे-धीरे लोगों की पसंद और मांग बढ़ने लगी। अब इसी हुनर को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं और इससे आमदनी भी हो रही है।

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