हार्ट अटैक से बढ़ रही मौत, इन बातों का रखें विशेष ध्यान
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बिगड़ी दिनचर्या और गलत खानपान ने लोगों का दिल कमजोर कर दिया है। हालात यह है कि युवा भी हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं। शामली के कैराना कस्बे में अकेले फरवरी माह में ही हार्टअटैक से नौ लोगों की मौत हो चुकी हैं, जिनमें 25 से 40 साल तक के युवा भी शामिल हैं।
हार्टअटैक से युवाओं की मौत का सिलसिला बढ़ना चिंता का विषय है। फरवरी माह के दौरान कस्बा कैराना के मोहल्ला आलकला, रेतावाला, ख्वाजबख्श और कुरैशियान में एक के बाद एक हार्टअटैक से मौत होने का सिलसिला चल रहा है। एक फरवरी से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी हैं, जबकि एक साल पूर्व वार्ड सभासद के पति नौशाद चौधरी और फिर डाक्टर मेहंदी की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। डाक्टरों की मानें, तो देर से सोना और देर से सुबह उठना, सुबह व्यायाम नहीं करना, हर समय बाइक या कार में चलना भी हृदय रोग को बढ़ावा देता है। वहीं, फास्ट फूड, मिलावटी खाद्य पदार्थ, दूषित पानी, अत्यधिक धूम्रपान और शराब का सेवन भी इसकी बड़ी वजह हैं। चिंता यह भी है कि बीमारियों से बचाव के लिए तमाम जागरूकता अभियान चलते हैं, लेकिन युवा पीढ़ी इस पर गौर करने को तैयार नहीं है।
जिले में नहीं है कार्डियोलॉजिस्ट
जिले में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। 2011 में शामली जनपद बना, लेकिन अब तक जिला अस्पताल का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं, कॉर्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक भी स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। प्राइवेट अस्पतालों में कॉर्डियोलॉजिस्ट को दिखाना गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति के हिसाब से महंगा साबित होता है। ऐसे में हृदय रोगियों को या तो मेरठ अथवा दूसरे बड़े शहरों की तरफ रुख करना पड़ता है।
हार्ट अटैक से मौत पर परिवारों को सदमा
- मोहल्ला आलकला सीओ आफिस के पीछे रहने वाले शाहरुख की 22 फरवरी की रात हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। शाहरुख के पिता शफीक ने बताया कि उसका बेटा राज मिस्त्री का कार्य करता था। अचानक उसके सीने में दर्द होने के साथ ही पसीना आ गया था। डाक्टर के पास ले गए, लेकिन 15 मिनट के अंदर ही शाहरुख की मौत हो गई।
- शनिवार को ही मोहल्ला रेतावाला निवासी अय्यूब की हार्ट अटैक के कारण दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल दिल्ली में मौत हो गई। अय्यूब के भाई शमशाद ने बताया कि उनका भाई फेरी लगाकर कपड़े बेचने का कार्य करता था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा है।
- तीतरवाड़ा रोड निवासी यामीन की 23 फरवरी को हार्ट अटैक के कारण मेरठ स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। यामीन के भाई मुस्तकीम ने बताया कि 19 फरवरी को यामीन को पहला अटैक पड़ा। इसके बाद उसे मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां 20 फरवरी को दोबारा अटैक पड़ा और 23 फरवरी को मौत हो गई।
- मोहल्ला ख्वाजाबक्श निवासी शहजाद की 22 फरवरी को मौत हुई। शहजाद के भाई अफजाल ने बताया कि उनके भाई को पहले कभी अटैक नहीं आया। 22 फरवरी की रात तीन बजे सीने में दर्द और पसीना आने पर शहजाद को कस्बे के ही एक चिकित्सक को दिखाया, जिसके एक घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई।
डाक्टर की सलाह
कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्साधीक्षक डाक्टर सलीम ने बताया कि बदलते परिवेश में लोगों की दिनचर्या और खानपान बिगड़ा है। इसी कारण युवा भी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। सीने में दर्द, पसीना आना, कंधों में भारीपन, बाएं हाथ में तेज दर्द, सांस फूलना आदि लक्षण होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल या किसी अच्छे डाक्टर को दिखाकर समय से उपचार लेना चाहिए। गली मोहल्लों में बैठने वाले डाक्टरों को नहीं दिखाना चाहिए। खानपान का ध्यान रखना चाहिए, नियमित व्यायाम भी जरूरी है।
फरवरी माह में हार्ट अटैक से हुई मौत
नाम उम्र मोहल्ला मृत्यु की तारीख
मुकरिम चौधरी 40 आलकला एक फरवरी
चौधरी मरगूब 42 आलकला दो फरवरी
इनाम 55 आलकला दो फरवरी
रफीक कुरैशी 45 ख्वाजबक्श नौ फरवरी
जमशेद 42 कुरैशियान 21 फरवरी
शहजाद 37 ख्वाजबक्श 22 फरवरी
शाहरूख 22 आलकला 22 फरवरी
यामीन 40 तीतरवाडा रोड 23 फरवरी
अय्यूब 45 रेतावाला 24 फरवरी
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