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Meerut News: युवक को सांप ने डसा, अंधविश्वास के कारण इलाज में देरी से हुई मौत

Wed, 05 Aug 2026 08:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 08:25 PM IST
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Young man bitten by snake; dies after treatment is delayed due to superstition.
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- फलावदा के रसूलपुर गांव में हुई घटना, छत पर सा रहा था सागर
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा(मेरठ )। गांव रसूलपुर में सांप के डसने से सागर (19) की मौत हो गई। अंधविश्वास और समय पर चिकित्सा न मिलने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना मंगलवार को हुई, जब युवक अपने घर की छत पर सोया हुआ था।
फलावदा थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी प्रवीण का बेटा सागर मंगलवार रात अपने घर की छत पर सोया था। बताया गया है कि इसी दौरान उसे एक जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटने के बाद परिवार के सदस्य उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय पास के नंगली गांव में झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। झाड़-फूंक के दौरान काफी कीमती समय बीतता चला गया और सागर की हालत लगातार बिगड़ती गई। जब उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई, तब परिजन उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने पहुंचे। हालांकि, तब तक सांप का जहर उसके पूरे शरीर में फैल चुका था। चिकित्सकों ने जांच के बाद सागर को मृत घोषित कर दिया। सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि परिजनों ने हादसे के संबंध में फलावदा पुलिस को सूचना नहीं दी है।
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अंधविश्वास ने ली जान
सागर को सांप ने डसा था, लेकिन परिवार ने चिकित्सा को नजर अंदाज किया। उन्होंने झाड़-फूंक को प्राथमिकता दी। नंगली गांव में झाड़-फूंक के दौरान इलाज में देरी हुई। चिकित्सकों के पास पहुंचने तक जहर घातक स्तर तक फैल चुका था। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी चल रहे अंधविश्वास के गंभीर परिणामों को उजागर करती है।
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दोबारा झाड़-फूंक का प्रयास
मेडिकल कॉलेज में सागर को मृत घोषित किए जाने के बावजूद परिजनों को उसकी मौत का विश्वास नहीं हुआ। वे सागर को फिर से झाड़-फूंक कराने के लिए मुजफ्फरनगर जनपद के गांव वहलना ले गए। वहां सपेरों ने भी उसे बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन उनके सभी प्रयास विफल रहे और सागर को अंततः दोबारा मृत घोषित कर दिया। सागर अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा है।

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गगोल की बुलबुल की भी झाड़-फूंक के चक्कर में हुई थी मौत
मेरठ। सांप के डसने पर लोग तुरंत पीड़ित को अस्पताल ले जाने के बजाए झांड़-फूंक के चक्कर में पड़ते है, इससे मरीज को समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण जान गंवानी पड़ रही है। मंगलवार को परतापुर के गगोल गांव की 12 साल की बच्ची बुलबुल की भी झांड़-फूंक के चक्कर में मौत हो गई थी। सांप के डसने पर परिजनों ने उसे अस्पताल में उपचार नहीं दिलाया, इसके बजाए परिजन बच्ची को मोहिउद्दीनपुर में एक सपेरे के पास लेकर गए थे, जहां पांच घंटे झांड़-फूंक में लगा दिए गए। इससे बच्ची की जान नहीं बच सकी, जब उसे जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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