सराफा कारोबारियों के लिए अच्छी खबर, 1 जून 2021 तक बेच सकेंगे 20 कैरेट सोने के जेवर
सरकार ने पिछले दिनों 20 कैरट जेवर की हॉलमार्किंग डिलीट कर दी थी। 20 कैरेट क स्टॉक निपटाने के लिए कारोबारियों को 15 जनवरी 2021 का समय दिया था।
हॉलमार्किंग को स्थानांतरित करने और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के साथ खुद को पंजीकृत करने के लिए ज्वैलर्स को एक साल से भी कम समय दिया गया था। अब एक जून 2021 के बाद देश में सोने के आभूषणों के लिए तीन श्रेणियां तय होंगी, जिसमें 14, 18 और 22 कैरट में ही सोने के आभूषण बनाए जा सकेंगे।
यह थी दिक्कत
कोरोना के चार माह के लॉकडाउन के चलते बाजार बंद होने पर कारोबारियों को 20 कैरेट हॉलमार्किंग एवं 20 कैरेट हॉलमार्किंग के स्टैंडिंग स्टॉक को खत्म करने में दिक्कत थी। इसलिए कारोबारियों ने सरकार से 2 साल समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
धोखे की संभावना रहेगी कम
साल 2000 से गोल्ड ज्वेलरी में बीआईएस हॉलमार्किंग स्कीम लागू है। वर्तमान में करीब 40 फीसदी गोल्ड ज्वेलरी की हॉलमार्किंग होती है। अब तक 28849 ज्वेलर्स बीआईएस द्वारा रजिस्टर्ड हैं। हॉलमार्किंग की अनिवार्यता से आम लोगों को खराब क्वॉलिटी की ज्वेलरी नहीं बेची जा सकेगी।
20 कैरेट पर रहे हॉलमार्किंग
सरकार का निर्णय ठीक है। लेकिन हमारी मांग 20 कैरेट जेवर हॉलमार्क पूर्ण रूप से लागू करने की है। हम इससे पीछे नही हटेंगे और 20 कैरेट हॉलमार्क को लिस्ट कराकर रहेंगे। -डॉ. संजीव अग्रवाल, अध्यक्ष यूनाइटेड ज्वैलर्स एंड मैन्यूफैक्चर्स फेडरेशन
हस्तनिर्मित जेवर 20 कैरेट में
सरकार ने समय बढ़ाया अच्छा है। लेकिन हमारी मांग 20 कैरेट पर हॉलमार्क अनिवार्य करने की है। मेरठ हस्तनिर्मित ज्वेलरी का सेंटर है। हस्तनिर्मित जेवर 20 कैरेट में बनता है इसलिए सरकार 20 कैरेट पर हॉलमार्क अनिवार्य करे। -विजय आनंद अग्रवाल, महामंत्री मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन
20 कैरेट लागू रहे हॉलमार्क
सरकार का समय विस्तार निर्णय अच्छी बात है। लेकिन 20 कैरेट को हटाना ठीक नहीं। हस्तनिर्मित परंपरागत ज्वेलरी में 20 कैरेट सोना ही इस्तेमाल होता है इसलिए हर कैरेट की अनुमति हो मगर हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया जाए। -दिनेश भारद्वाज, अध्य्क्ष इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन