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आपके पास बहुत बुलडोजर, अब चलाइए उनको : सुप्रीम कोर्ट

Wed, 28 Jan 2026 03:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jan 2026 03:02 AM IST
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You have enough bulldozers, now use them: Supreme Court

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मेरठ। सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि छह सप्ताह के भीतर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर इसकी अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। न्यायाधीशों ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आपके पास बहुत बुलडोजर हैं अब चलाइए उनको। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने आदेश को परिवर्तित करने से इनकार करती है।
सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार के इस अनुरोध को भी ठुकरा दिया कि अवैध निर्माणों के विनियमितिकरण के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाए। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के न्याय कक्ष संख्या 6 में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता मलखान सिंह ने व्यापारियों के हित में परिषद का पक्ष रखते हुए अवैध निर्माणों के नियमितीकरण की गुहार लगाई थी। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना के अधिवक्ता तुषार जैन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
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अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की समय-सीमा

तुषार जैन ने बताया कि अदालत ने निर्देश दिया है कि छह सप्ताह की अवधि के भीतर सभी प्रकार के अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाए। इसके बाद ध्वस्तीकरण की अनुपालन रिपोर्ट याचिकाकर्ता के वकील के माध्यम से कोर्ट को सौंपी जानी चाहिए। इस सुनवाई के दौरान सेंट्रल मार्केट के कई व्यापारी भी उपस्थित रहे जो अदालती फैसले का इंतजार कर रहे थे।
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सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट बनाने की योजना

इसी बीच आवास आयुक्त ने सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट के रूप में विकसित करने की योजना के तहत 15 दिनों के भीतर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। विभाग की 274वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार 36 मीटर चौड़ी सड़क पर दो, 24 मीटर सड़क पर एक, 18 मीटर चौड़ी सड़क पर 50 और 12 मीटर चौड़ी सड़क पर 27 भूखंडों का व्यावसायिक और मिश्रित भू-उपयोग किया जाना है। इच्छुक व्यक्ति वास्तुविद नियोजक, वास्तुकला तथा नियोजन अनुभाग, नीलगिरी कॉम्प्लेक्स, इंदिरा नगर, लखनऊ स्थित कार्यालय में लिखित रूप में या ई-मेल cap@upavp.com के माध्यम से अपनी आपत्ति और सुझाव 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत कर सकते हैं।



पुराने इलाकों में अवैध निर्माण पर तीन फरवरी को होगी सुनवाई

शहर के पुराने इलाकों, जैसे लाला का बाजार, खैर नगर और वैली का बाजार,में 100 साल से अधिक पुराने मकानों में बन रहे अवैध कॉम्प्लेक्स के मामले में भी एक याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज चौधरी की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी लेकिन मामला आगे बढ़ गया। मनोज चौधरी ने बताया कि अब इस मामले में 3 फरवरी को अदालत में अगली सुनवाई तय की गई है।
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