तुम सुंदर नहीं हो: BA-BSC करो, छात्राओं ने एचओडी पर लगाए गंभीर आराेप, कही आत्महत्या की बात, प्रशासन बोला-कर लो
मेरठ के दाैराला की छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और उनकी परीक्षा भी अच्छी गई, लेकिन इसके बाद भी उन्हें फेल कर दिया गया। बैक पेपर में फेल होने पर छात्राओं ने आत्महत्या की चेतावनी दी तो प्रशासन ने कहा कि कर लो।
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मेरठ के दाैराला में सरधना रोड स्थित चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक दौराला में बैक परीक्षा के परीक्षा परिणाम में 104 छात्राओं में से 78 छात्राओं को फेल कर दिया गया। शनिवार को फेल हुई छात्राओं ने हंगामा कर दिया। छात्राओं ने एचओडी पर गंभीर आरोप लगाए।
छात्राओं का कहना है कि वह दूसरे राज्यों से यहां पढ़ने आई हैं और फेल होने के बाद अब उनके परिजन आगे पढ़ाई कराने के लिए मना कर रहे हैं, जिस कारण उनका भविष्य अंधकार में है। उन्होंने जेडी को प्रार्थना पत्र देकर निशुल्क परीक्षा कॉपी दोबारा जांच कराए जाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार प्रथम वर्ष में सीएस पाठ्यक्रम में 60 छात्राएं हैं, जिनमें बैक की परीक्षा में 15 को आगे बढ़ाया गया है। आईटी पाठ्यक्रम की 32 छात्राओं में से तीन को आगे बढ़ाया गया है, जबकि इलेक्ट्रोनिक की 12 छात्राओं में से आठ को पास किया गया। 104 छात्राओं में से 78 को फेल कर दिया गया। अधिकांश छात्राओं के नंबर शून्य हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और उनकी परीक्षा भी अच्छी गई। इसके बाद भी उन्हें फेल कर दिया गया। जब उनके अभिभावकों को यह जानकारी हुई तो उन्होंने आगे की पढ़ाई कराने से इनकार कर दिया। बताया कि अधिकांश छात्राएं दूसरे राज्यों की हैं और कॉलेज के हॉस्टल में रहकर ही पढ़ाई करती हैं। इसको लेकर वह प्रधानाचार्य मुकेश कुमार व एचओडी अरुण कुमार गौतम से भी मिलीं।
बताया कि उन्होंने 500 रुपये जमा कराकर दोबारा परीक्षा कॉपी जांच कराने की बात कहीं, साथ ही कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं, जिसको पढ़ना है पढ़ो, जिसे घर जाना है चले जाओ। आरोप लगाया कि एचओडी ने कहा कि जो लड़की सुंदर नहीं है, बीए, बीएससी कर लो, जो सुंदर है वह यहीं रहकर पढ़ाई करो।
फेल होने पर जब छात्राओं ने कहा कि क्या वे आत्महत्या कर लें तो उनसे कहा गया कि कर लो आत्महत्या। छात्राओं ने इसे लेकर शनिवार को जमकर हंगामा किया और जेडी मौ. शाबिर को प्रार्थना पत्र देकर निशुल्क कॉपी जांच कराए जाने की मांग की।
परीक्षा परिणाम प्रदेश स्तर पर जारी किया जाता है। इस परीक्षा परिणाम का प्रतिशत कम रहा है। जिसे संदेश है वह फीस जमा कराकर अपनी परीक्षा कॉपी जांच करा सकता है। -मौ. शाबिर, जेडी, चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक कॉलेज
आरोप लगाए जाने की जानकारी मिलने पर छात्राओं को बुलाया गया था। दोबारा परीक्षा कॉपी जांच को लेकर छात्राओं से फीस जमा करने के लिए बोला गया है। -मुकेश कुमार, प्रधानाचार्य, चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक कॉलेज
छात्राओं को सही तरीके से पढ़ाया जाता है, जो परीक्षा में लिखा होगा उसके हिसाब से अंक दिए गए होंगे। लगाए गए आरोप गलत है। -अरुण कुमार गौतम, एचओडी, चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलोटेक्निक कॉलेज