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यहां सीएम के दौरे से पहले जागते हैं अधिकारी
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- एक महीने पहले निर्देश देने के बाद भी नहीं शुरू हुआ था लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड का काम
- मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर शनिवार सुबह शुरू हुआ कार्य, दौरा निरस्त होते ही पुराने ढर्रे पर आया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। इस शहर में अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जागते हैं और दौरा निरस्त होते ही फिर सो जाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रविवार को मेरठ दौरा फाइनल होते ही नगर निगम का अमला शुक्रवार रात से ही हापुड़ रोड से लेकर बिजली बंबा बाईपास तक मार्ग चकाचक करने में जुट गया। उस लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड को भी संवारा जाने लगा जिसके लिए सीएम एक माह पहले मेरठ दौरे के समय निर्देश देकर गए थे। हालांकि शनिवार दोपहर सीएम का दौरा निरस्त होते ही अभियान फिर से पुराने ढर्रे पर आ गया।
हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर में बने कूड़े के पहाड़ का शनिवार सुबह जायजा लिया गया तो नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। मुख्यमंत्री ने पिछले दौरे में शहर में साफ-सफाई के इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक-दो स्थानों को छोड़ सब जगह लीपापोती की जाती है। सबसे बुरा हाल तो इस डंपिंग ग्राउंड को लेकर है। एक तरफ केंद्र सरकार ने शहर को डंपिंग ग्राउंड से मात्र 500 मीटर की दूरी पर करोड़ों की लागत से बने मेरठ-बुलंदशहर हाईवे की सौगात दी। वही, इससे पहले ये कूड़े के पहाड़ शहर की तस्वीर को बदरंग करने के लिए काफी हैं।
डर से चलाईं दो जेसीबी
नगर निगम की ओर से डंपिंग ग्राउंड को कवर करने के लिए सड़क किनारे दो जेसीबी चलाईं गईं, जिससे हापुड़ रोड से गुजर रहे वाहनों को कूड़े के पहाड़ न दिख सकें। इसके लिए व्यू कटर यानि टीन-शेड लगाने का कार्य किया जा रहा था। डंपिंग ग्राउंड को ठीक करने के लिए ठेकेदार की तरफ से नपाई का कार्य किया जा रहा था। अब इसे सड़क के सामने से ढका जाएगा। ग्राउंड में अब सिर्फ वाहनों के प्रवेश का रास्ता ही दिया जाएगा। इसके अलावा कूड़े का ढेर अब बढ़ता जा रहा है। इनर रिंग रोड के हिस्से वाली सड़क तक कूड़े के ढ़ेर लगने शुरू हो गए हैं।
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- मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर शनिवार सुबह शुरू हुआ कार्य, दौरा निरस्त होते ही पुराने ढर्रे पर आया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। इस शहर में अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जागते हैं और दौरा निरस्त होते ही फिर सो जाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रविवार को मेरठ दौरा फाइनल होते ही नगर निगम का अमला शुक्रवार रात से ही हापुड़ रोड से लेकर बिजली बंबा बाईपास तक मार्ग चकाचक करने में जुट गया। उस लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड को भी संवारा जाने लगा जिसके लिए सीएम एक माह पहले मेरठ दौरे के समय निर्देश देकर गए थे। हालांकि शनिवार दोपहर सीएम का दौरा निरस्त होते ही अभियान फिर से पुराने ढर्रे पर आ गया।
हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर में बने कूड़े के पहाड़ का शनिवार सुबह जायजा लिया गया तो नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। मुख्यमंत्री ने पिछले दौरे में शहर में साफ-सफाई के इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक-दो स्थानों को छोड़ सब जगह लीपापोती की जाती है। सबसे बुरा हाल तो इस डंपिंग ग्राउंड को लेकर है। एक तरफ केंद्र सरकार ने शहर को डंपिंग ग्राउंड से मात्र 500 मीटर की दूरी पर करोड़ों की लागत से बने मेरठ-बुलंदशहर हाईवे की सौगात दी। वही, इससे पहले ये कूड़े के पहाड़ शहर की तस्वीर को बदरंग करने के लिए काफी हैं।
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डर से चलाईं दो जेसीबी
नगर निगम की ओर से डंपिंग ग्राउंड को कवर करने के लिए सड़क किनारे दो जेसीबी चलाईं गईं, जिससे हापुड़ रोड से गुजर रहे वाहनों को कूड़े के पहाड़ न दिख सकें। इसके लिए व्यू कटर यानि टीन-शेड लगाने का कार्य किया जा रहा था। डंपिंग ग्राउंड को ठीक करने के लिए ठेकेदार की तरफ से नपाई का कार्य किया जा रहा था। अब इसे सड़क के सामने से ढका जाएगा। ग्राउंड में अब सिर्फ वाहनों के प्रवेश का रास्ता ही दिया जाएगा। इसके अलावा कूड़े का ढेर अब बढ़ता जा रहा है। इनर रिंग रोड के हिस्से वाली सड़क तक कूड़े के ढ़ेर लगने शुरू हो गए हैं।
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