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Meerut News: आध्यात्मिक साधना का अवसर है भगवान गणेश की आराधना
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रामलीला मैदान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे स्रो
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव में रविवार को श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया। शाम के समय गणपति बप्पा की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पंडित सतीश चंद्र मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। आरती के दौरान पंडाल गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा।
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणबीर नाथ उपाध्याय ने भगवान गणेश की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की कृपा, बुद्धि और जीवन की बाधाओं के निवारण से जुड़ा है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होने वाला यह दस दिवसीय उत्सव श्रद्धालुओं के लिए भगवान गणेश की आराधना और आध्यात्मिक साधना का अवसर है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य माना गया है। किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है।
महोत्सव के दौरान बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों ने गणपति बप्पा की भक्ति में नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया। पंडाल में देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
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आयोजन समिति के अध्यक्ष ओमबीर भडाना ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रहा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।
महोत्सव को सफल बनाने में उपाध्यक्ष अनीता उपाध्याय, शुभम रोहिणी, नरेश बत्रा समेत अन्य कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
उधर कस्बे की अनाज मंडी के शिव मंदिर पर भी गणेश चतुर्थी महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा है जहां पर हर रोज गणपति बप्पा की पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव में रविवार को श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया। शाम के समय गणपति बप्पा की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पंडित सतीश चंद्र मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। आरती के दौरान पंडाल गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा।
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणबीर नाथ उपाध्याय ने भगवान गणेश की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की कृपा, बुद्धि और जीवन की बाधाओं के निवारण से जुड़ा है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होने वाला यह दस दिवसीय उत्सव श्रद्धालुओं के लिए भगवान गणेश की आराधना और आध्यात्मिक साधना का अवसर है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य माना गया है। किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है।
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महोत्सव के दौरान बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों ने गणपति बप्पा की भक्ति में नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया। पंडाल में देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
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आयोजन समिति के अध्यक्ष ओमबीर भडाना ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रहा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।
महोत्सव को सफल बनाने में उपाध्यक्ष अनीता उपाध्याय, शुभम रोहिणी, नरेश बत्रा समेत अन्य कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
उधर कस्बे की अनाज मंडी के शिव मंदिर पर भी गणेश चतुर्थी महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा है जहां पर हर रोज गणपति बप्पा की पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

रामलीला मैदान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे स्रो