विश्व अल्जाइमर दिवस: ओह, भूल गया! कहीं आपको भी तो नहीं ये बीमारी, मेरठ में सात हजार से ज्यादा मरीज
अल्जाइमर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। यह भूलने की एक ऐसी बीमारी है, जिसके होने की सही वजह के बारे में मुश्किल से ही पता चल पाता है। उम्र बढ़ने के साथ साथ यह बीमारी लोगों को अपनी चपेट में ले लेती है।
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अल्जाइमर, भूलने की एक ऐसी बीमारी है, जिसके होने की सही वजह के बारे में अभी तक पता नहीं लग सका है। यह बीमारी ज्यादातर 60 वर्ष के ऊपर के बुजुर्गों में होती है, जिसमें लोग डिमेंशिया यानि भूलने की आदत के शिकार हो जाते हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ढलती उम्र में भी अपने छोटे छोटे काम खुद करें और जिंदादिली से जीएं तो इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अल्जाइमर के शिकार लोग घर का पता, मोबाइल नंबर, बैंक सम्बन्धी कार्य, नित्य क्रिया के साथ बहुत सारी ऐसी चीजें भूल जाते हैं जिनसे उनकी जिंदगी खासा प्रभावित होती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ इस बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है।
शहर में विभिन्न विशेषज्ञों के पास इसके रोजाना दर्जनों मरीज पहुंच रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक अल्जाइमर के मेरठ जिले में करीब सात हजार मरीज हैं। लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है।
केस एक
हापुड़ रोड पर रहने वाली महिला (63) को अल्जाइमर है। उनके बेटे का कहना है कि वह अक्सर किचिन और बाथरूम का अंतर भूल जाती हैं। उन्हें याद नहीं रहता खाना खाया था या नहीं। बच्चों से भी उनकी ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है।
केस दो
ब्रह्मपुरी के रहने वाले के अल्जाइमर पीड़ित एक बुजुर्ग(69) के पुत्र बताते हैं कि उनके पिता अपने फोटो तक नहीं पहचान पाते हैं। दवाओं के ज़रिए थोड़ी राहत रहती है। उनकी दादी को भी यह बीमारी थी, शायद यह आनुवंशिक है।
नाश्ते और खाने का समय बिल्कुल निश्चित रखें। पुराने फोटोग्राफ उनके पास रखने चाहिए। अल्जाइमर का मरीज अपने पड़ोस में भी खो जाता हैं। वह यह भूल जाता है कि वह कहां है, वहां वह कैसे आया और घर वापस कैसे जाना है। अमूमन यह 60 से 65 वर्ष की उम्र में शुरू हो सकता है। -डॉ. विभा नागर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
बादाम और अन्य सूखे मेवे दिमाग के लिए फायदेमंद हैं। फूलगोभी के सेवन से भी दिमाग तेज होता है। अगर बढ़ती उम्र में लोग अपना काम खुद करते हैं तो उन्हें अल्जाइमर रोग होने का खतरा कम होता है और स्मरणशक्ति तेज होती है। - डॉ. रवि राणा, मनोचिकित्सक