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एमडीए द्वारा सील की गए दो रैंडरिंग प्लांटों की सील तोडकर चल रहा संचालन, एमडीए अधिकारियों की तहरीर के 24 घटें बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं
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मीट फैक्टरी को सील करती पुलिस व एमडीए की टीम।
- फोटो : KITHOR
खरखौदा(मेरठ)। हापुड़ रोड पर गांव अल्लीपुर में मौजूद कई मीट प्लांटों, रैंडरिंग प्लांटों, मुर्गी दाना प्लांटों के एमडीए से मानचित्र पास न होने के कारण करीब दो वर्ष पहले एमडीए ने करीब एक दर्जन फैक्टरियों को सील किया था। लेकिन एक सप्ताह पहले एमडीए की छापामारी में दो रैंडरिंग प्लांटों की सील तोड़कर उनमें संचालन होता मिला। जिसमें एमडीए ने दो दिन पहले प्लांटों को फिर से सील कर दिया। वहीं एमडीए ने प्लांट संचालकों के खिलाफ थाना पर तहरीर भी दी है। लेकिन पुलिस ने अभी तक भी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
प्रदेश में जैसे ही भाजपा सरकार बनी तो प्रदेश सरकार ने अवैध मीट प्लांटों पर नकेल कसी थी। जिसमें एक ही दिन में खरखौदा क्षेत्र के हापुड़ मेरठ रोड पर गांव अल्लीपुर में भी अधिकारियों ने पूरे दल बल के साथ करीब दो दर्जन मीट फैक्टरी, रैंडरिंग प्लांट व मुर्गी दाना प्लांटों पर छापामारी की थी। जिसमें एमडीए को करीब एक दर्जन फैक्टरियां ऐसी मिली थी। जिनका एमडीए से मानचित्र ही पास नहीं था। जिसमें अधिकारियों ने 23 मार्च 2018 को सभी 11 फैक्टरियों को माल सहित सील कर दिया था, लेकिन बाद में कई फैक्टरी संचालकों ने कोर्ट के माध्यम से अपना माल तो निकलवा लिया, लेकिन अभी तक भी उन पर एमडीए की सील लगी हुई है। 21 जुलाई को एमडीए की टीम ने कई फैक्टरियों द्वारा सील तोड़कर संचालन होने की सूचना मिली थी। टीम को छापामारी में वैट इंडिया फीड व इंडियन पोल्ट्री फीड्स दोनों की सील तोड़कर उनमें संचालन होता मिला। टीम के अनुसार एक फैक्टरी में भारी मात्रा में पशुओं के अवशेष भी मिले। जहां टीम ने मौके पर मिले कच्चे माल को नष्ट करा दिया था। दो दिन पहले पुलिस की मौजूदगी में एमडीए ने फिर से दोनों फैक्टरियों को सील कर दिया। एमडीए के जोनल अधिकारी विपिन कुमार ने दोनों फैक्टरी संचालकों के खिलाफ थाना पर तहरीर भी दी है। लेकिन 24 घंटे बाद भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज न करते हुए पुलिस इस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।
पुलिस की मौजूदगी में हुई छापामारी
21 जुलाई को छापामारी की कार्रवाई की गई थी। जिसमें पुलिस भी मौजूद थी। एमडीए ने दोनों फैक्टरियों को फिर से सील कर संचालकों के खिलाफ सोमवार को तहरीर भी है। - विपिन कुमार, जोनल अधिकारी, एमडीए मेरठ।
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कोई तहरीर नहीं मिली
क्षेत्र में किस फैक्ट्री पर छापामारी की गई है। कब की गई है। इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एमडीए की ओर से अभी तक भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोई तहरीर भी नहीं मिली है।
- अरविंद शर्मा, इंस्पेक्टर खरखौदा
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प्रदेश में जैसे ही भाजपा सरकार बनी तो प्रदेश सरकार ने अवैध मीट प्लांटों पर नकेल कसी थी। जिसमें एक ही दिन में खरखौदा क्षेत्र के हापुड़ मेरठ रोड पर गांव अल्लीपुर में भी अधिकारियों ने पूरे दल बल के साथ करीब दो दर्जन मीट फैक्टरी, रैंडरिंग प्लांट व मुर्गी दाना प्लांटों पर छापामारी की थी। जिसमें एमडीए को करीब एक दर्जन फैक्टरियां ऐसी मिली थी। जिनका एमडीए से मानचित्र ही पास नहीं था। जिसमें अधिकारियों ने 23 मार्च 2018 को सभी 11 फैक्टरियों को माल सहित सील कर दिया था, लेकिन बाद में कई फैक्टरी संचालकों ने कोर्ट के माध्यम से अपना माल तो निकलवा लिया, लेकिन अभी तक भी उन पर एमडीए की सील लगी हुई है। 21 जुलाई को एमडीए की टीम ने कई फैक्टरियों द्वारा सील तोड़कर संचालन होने की सूचना मिली थी। टीम को छापामारी में वैट इंडिया फीड व इंडियन पोल्ट्री फीड्स दोनों की सील तोड़कर उनमें संचालन होता मिला। टीम के अनुसार एक फैक्टरी में भारी मात्रा में पशुओं के अवशेष भी मिले। जहां टीम ने मौके पर मिले कच्चे माल को नष्ट करा दिया था। दो दिन पहले पुलिस की मौजूदगी में एमडीए ने फिर से दोनों फैक्टरियों को सील कर दिया। एमडीए के जोनल अधिकारी विपिन कुमार ने दोनों फैक्टरी संचालकों के खिलाफ थाना पर तहरीर भी दी है। लेकिन 24 घंटे बाद भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज न करते हुए पुलिस इस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।
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पुलिस की मौजूदगी में हुई छापामारी
21 जुलाई को छापामारी की कार्रवाई की गई थी। जिसमें पुलिस भी मौजूद थी। एमडीए ने दोनों फैक्टरियों को फिर से सील कर संचालकों के खिलाफ सोमवार को तहरीर भी है। - विपिन कुमार, जोनल अधिकारी, एमडीए मेरठ।
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कोई तहरीर नहीं मिली
क्षेत्र में किस फैक्ट्री पर छापामारी की गई है। कब की गई है। इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एमडीए की ओर से अभी तक भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोई तहरीर भी नहीं मिली है।
- अरविंद शर्मा, इंस्पेक्टर खरखौदा