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Bijnor : खोदाई के दौरान मनरेगा मजदूरों को मिली चांदी के सिक्कों की हांडी, मुगलकालीन बताई जा रही है मुद्रा
Sun, 08 Dec 2024 01:18 AM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 08 Dec 2024 01:18 AM IST
सार
बिजनौर जिले के ग्राम करौंदा चौधर में मनरेगा में काम करने के दौरान मजदूरों को पुराने सिक्के मिले। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने 15 सिक्के बरामद किए हैं।
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पुराने सिक्के
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिजनौर की धरती प्राचीन सभ्यताओं की निशानियां उगलती रहीं हैं। अब इसी क्रम में गांव करौंदा चौधर में खोदाई करते हुए मुगलकालीन सिक्के मिले हैं। चांदी के बताए जा रहे इन सिक्कों पर अरबी भाषा में लिखा हुआ है। फिलहाल सिक्कों को पुलिस ने जब्त कर लिया है, जिन्हें पुरातत्व विभाग के हवाले किया जाएगा।
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शुक्रवार को ग्राम करौंदा चौधर में मनरेगा के तहत कब्रिस्तान की मेड़बंदी का काम चल रहा था। तभी एक मनरेगा मजदूर को खोदाई के दौरान मिट्टी की हांडी मिली। हांडी को खोलने पर उसमें से 15 सिक्के मिले। सिक्के सफेद रंग के है, जिससे इनके चांदी के होने का अनुमान लगाया गया है।
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ग्राम प्रधान इकरार अंसारी की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मौके पहुंचे और 15 सिक्कों को अपने कब्जे में ले लिया। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार कार्य किया जाएगा। सिक्कों पर अरबी भाषा में लिखा हुआ है। एक व्यक्ति ने बताया कि सिक्कों पर हिजरी का साल 1191 लिखा है।
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अब जहां कब्रिस्तान, वहां 100 साल पहले तक आबाद था गांव
कब्रिस्तान में जिस स्थान पर खोदाई के दौरान सिक्के मिले हैं, बताया जाता है कि लगभग 100 वर्ष पूर्व तक गांव यहीं पर आबाद था। बाद में गांव इस स्थान से हटकर दूसरे स्थान पर जा बसा था। इस स्थान पर मृतकों को दफनाया जाने लगा था।
पहले भी मिल चुकी है वस्तुएं
कब्रिस्तान के आसपास खोदाई के दौरान पहले भी कई वस्तुएं मिल चुकीं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व इसी स्थान पर खोदाई के दौरान एक तांबे का लोटा मिला था। इसके अतिरिक्त लखौरी ईंट भी इस स्थान पर मिल चुकी है।