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Meerut News: गोवंश सुधार के लिए पांच परियोजनाओं पर होगा काम
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मेरठ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान गोवंश सुधार के लिए पांच नई परियोजनाओं पर काम करेगा। इनमें शुक्राणु गुणवत्ता, गुणों का जीनोम स्तर पर विश्लेषण, क्षेत्र-विशिष्ट आहार मॉड्यूल, दुधारू पशुओं में सब-क्लिनिकल उपचार के लिए औषधीय जड़ी-बूटियों का उपयोग और दुग्ध गायों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
यह जानकारी संस्थान के निदेशक डॉ. एके मोहंती ने परिषद की वार्षिक बैठक में दी। बैठक में कुल 26 प्रचलित अनुसंधान परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं। इनमें अनुवांशिकी एवं प्रजनन, पोषण, प्रजनन विज्ञान, स्वास्थ्य तथा वेस्ट-टू-वेल्थ प्राथमिकता पर रहीं। इसके अतिरिक्त पांच नई परियोजनाओं का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। ये परियोजनाएं संस्थान के प्रगतिशील दृष्टिकोण और पशुपालन क्षेत्र की वर्तमान एवं भावी चुनौतियों से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
बैठक में राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) करनाल के पूर्व प्रमुख एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके पुंडीर, डॉ. एमएच खान ने संस्थान के वैज्ञानिक योगदान की सराहना की। उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता, किसान-प्रासंगिकता और राष्ट्रीय प्रभाव को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव दिए।
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यह जानकारी संस्थान के निदेशक डॉ. एके मोहंती ने परिषद की वार्षिक बैठक में दी। बैठक में कुल 26 प्रचलित अनुसंधान परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं। इनमें अनुवांशिकी एवं प्रजनन, पोषण, प्रजनन विज्ञान, स्वास्थ्य तथा वेस्ट-टू-वेल्थ प्राथमिकता पर रहीं। इसके अतिरिक्त पांच नई परियोजनाओं का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। ये परियोजनाएं संस्थान के प्रगतिशील दृष्टिकोण और पशुपालन क्षेत्र की वर्तमान एवं भावी चुनौतियों से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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बैठक में राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) करनाल के पूर्व प्रमुख एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके पुंडीर, डॉ. एमएच खान ने संस्थान के वैज्ञानिक योगदान की सराहना की। उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता, किसान-प्रासंगिकता और राष्ट्रीय प्रभाव को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव दिए।
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