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पहले चरण में अटका काम, कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस
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खेकड़ा स्थित दिल्ली सहारनपुर नेशनल हाईवे के एलिवेटेड मार्ग निर्माण कार्य में लगे एनएचआई के कर्म
- फोटो : BAGHPAT
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पहले चरण में अटका काम, कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस
इकोनामिक कॉरिडोर के निर्माण की धीमी रफ्तार, कंपनी को अब तक करना था दस प्रतिशत काम, किया एक ही प्रतिशत
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण में ईपीई से दिल्ली तक चल रहा एलिवेटेड रोड का निर्माण
1326 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक एलिवेटेड रोड बनना है
8300 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे चरण में होना है निर्माण, चार दिसंबर को प्रधानमंत्री ने देहरादून में किया था शिलान्यास
अंकित चौहान
बागपत। भारत माला परियोजना के तहत बनने वाले दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण ही अटक गया है। एनएचएआई ने निर्माण कार्य धीमा होने और अन्य मामलों में भी देरी पर कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस जारी किया है। अब नई कंपनी को टेंडर जारी होने तक निर्माण नहीं होगा।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण की शुरूआत मार्च 2021 में हुई थी और इसमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक करीब 17 किमी लंबी छह लेन की एलिवेटेड रोड का निर्माण होना था। इसका टेंडर हैदराबाद की कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू जरूर किया, लेकिन धीमी रफ्तार से, उसे अब तक दस प्रतिशत कार्य पूरा करना था, वह एक प्रतिशत कार्य ही पूरा कर पाई।
टेंडर की शर्तों के अनुरूप नहीं हुआ कार्य
टेंडर की शर्तों में नेशनल हाईवे को पूरी तरह गड्ढामुक्त करना भी कंपनी की जिम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और निर्माण शुरू होने के बाद वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई थी, जाम लगने लगा। इसकी शिकायत सुभानपुर निवासी संजय त्यागी ने एनएचएआई व केंद्रीय मंत्रालय में की थी। कॉरिडोर के निर्माण के लिए जितने पेड़ काटने की अनुमति मिली, वह अभी तक नहीं कटवाए गए। विद्युत लाइन शिफ्ट करने का कार्य भी नहीं किया गया।
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निर्माण पूरा होने पर ढाई-तीन घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली से देहरादून
-इसके बनने पर दिल्ली से देहरादून छह घंटे की जगह केवल ढाई से तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। इस पर हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ व बड़ौत को जोड़ने के लिए सात जगह इंटरचेंज होंगे।
इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण के लिए ईपीई से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक एलिवेटेड रोड का निर्माण करने वाली कंपनी का टेंडर रद्द करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। वह कार्य को काफी धीमी गति से कर रही थी। नेशनल हाईवे का मरम्मत कार्य भी नहीं किया था। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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इकोनामिक कॉरिडोर के निर्माण की धीमी रफ्तार, कंपनी को अब तक करना था दस प्रतिशत काम, किया एक ही प्रतिशत
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण में ईपीई से दिल्ली तक चल रहा एलिवेटेड रोड का निर्माण
1326 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक एलिवेटेड रोड बनना है
8300 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे चरण में होना है निर्माण, चार दिसंबर को प्रधानमंत्री ने देहरादून में किया था शिलान्यास
अंकित चौहान
बागपत। भारत माला परियोजना के तहत बनने वाले दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण ही अटक गया है। एनएचएआई ने निर्माण कार्य धीमा होने और अन्य मामलों में भी देरी पर कंपनी को टेंडर रद्द करने का नोटिस जारी किया है। अब नई कंपनी को टेंडर जारी होने तक निर्माण नहीं होगा।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण की शुरूआत मार्च 2021 में हुई थी और इसमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक करीब 17 किमी लंबी छह लेन की एलिवेटेड रोड का निर्माण होना था। इसका टेंडर हैदराबाद की कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू जरूर किया, लेकिन धीमी रफ्तार से, उसे अब तक दस प्रतिशत कार्य पूरा करना था, वह एक प्रतिशत कार्य ही पूरा कर पाई।
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टेंडर की शर्तों के अनुरूप नहीं हुआ कार्य
टेंडर की शर्तों में नेशनल हाईवे को पूरी तरह गड्ढामुक्त करना भी कंपनी की जिम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और निर्माण शुरू होने के बाद वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई थी, जाम लगने लगा। इसकी शिकायत सुभानपुर निवासी संजय त्यागी ने एनएचएआई व केंद्रीय मंत्रालय में की थी। कॉरिडोर के निर्माण के लिए जितने पेड़ काटने की अनुमति मिली, वह अभी तक नहीं कटवाए गए। विद्युत लाइन शिफ्ट करने का कार्य भी नहीं किया गया।
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निर्माण पूरा होने पर ढाई-तीन घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली से देहरादून
-इसके बनने पर दिल्ली से देहरादून छह घंटे की जगह केवल ढाई से तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। इस पर हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ व बड़ौत को जोड़ने के लिए सात जगह इंटरचेंज होंगे।
इकोनामिक कॉरिडोर के पहले चरण के लिए ईपीई से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक एलिवेटेड रोड का निर्माण करने वाली कंपनी का टेंडर रद्द करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। वह कार्य को काफी धीमी गति से कर रही थी। नेशनल हाईवे का मरम्मत कार्य भी नहीं किया था। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई