फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Women said public representatives have maintained distance, families are suffering the consequences of the actions of the officials

Meerut News: बोलीं महिलाएं-जनप्रतिनिधियों ने बनाई दूरी अधिकारियों की करनी का दंड भोग रहे परिवार

Sun, 12 Apr 2026 02:34 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
Women said public representatives have maintained distance, families are suffering the consequences of the actions of the officials
मेरठ..कंवलजीत..सेंट्रल मार्किट प्रकरण में सेक्टर 2 में धरने पर बैठे स्थानीय लोग महिलाओं ने संभा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर के परिवार चिंता में डूबे है। 44 भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई के बाद अब मकानों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकती देख लोगों के पसीने छूट रहे हैं। हालत यह है कि भविष्य की चिंता में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं और लोग घर के बाहर बैठकर रातें गुजारने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


अमर उजाला की टीम शनिवार को शास्त्रीनगर के परिवारों के बीच पहुंची तो महिलाओं का सब्र टूट गया। सवाल पूछते ही उनकी आंखों से आंसू छलक आए और गला रुंध गया। महिलाओं ने एक ही सवाल दोहराया- दुकानों पर तो सील लगा दी, अब अगर मकान भी टूटेंगे तो हम कहां जाएंगे? बच्चों का क्या होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सांसद, विधायक और मंत्रियों ने संकट की इस घड़ी में उनसे दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीनगर के निवासी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जिस आशियाने को उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी लगाकर बनाया आज उसे ही अवैध बताकर तोड़ने की तैयारी है जिससे पूरे क्षेत्र में हताशा और आक्रोश का माहौल है।
विज्ञापन

अधिकारियों की करनी भर रहे हैं परिवार
आवास विकास के भ्रष्ट अधिकारियों की करनी का फल हमारे परिवार भुगत रहे हैं। हमारे संस्थानों को सील किया जा रहा है और मकानों को तोड़ने की धमकी दी जा रही है लेकिन उन अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही जिनकी शह पर यह सब बना। -सिम्मी निवासी, सेक्टर-2
विज्ञापन
विज्ञापन

हमारे ऊपर आफतों का पहाड़ टूट गया है। कारोबार गया और अब आशियाने की बारी है। इस आदेश के बाद मोहल्ले के अधिकतर घरों में खाना नहीं बन रहा है। सरकार को हमारी सुध लेनी चाहिए। -अरुणा


मेरा मात्र 25 मीटर का मकान है। पेट काटकर और पाई-पाई जोड़कर इसे खरीदा था। अब अधिकारी कह रहे हैं कि मकान गलत बना है और इसे तोड़ा जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो हम बर्बाद हो जाएंगे। नेताओं ने भी हमारा साथ छोड़ दिया है। -कृष्णा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed