फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Women Protest Outside SDM Office Over Alleged Encroachment on Leased Agricultural Land

मेरठ: पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप, एसडीएम कार्यालय के बाहर महिलाओं का धरना; दी ये चेतावनी

Fri, 25 Sep 2026 02:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 25 Sep 2026 02:33 PM IST
सार

सरधना के चरला-निहोरी में 2002 में 84 लोगों को आवंटित कृषि भूमि के पट्टों पर कब्जे का आरोप है। लाभार्थियों ने जांच कराकर जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की।

विज्ञापन
Women Protest Outside SDM Office Over Alleged Encroachment on Leased Agricultural Land
धरने पर बैठी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के सरधना ग्राम पंचायत चरला-निहोरी में वर्ष 2002 में आवंटित कृषि भूमि के पट्टों पर कब्जे का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील पहुंचीं। महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने और पट्टों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि वे एसडीएम से मिलने के लिए इंतजार करती रहीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

विज्ञापन


2002 में 84 लोगों को आवंटित हुए थे पट्टे
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2002 में तहसील प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत चरला-निहोरी के 84 पात्र लोगों को कृषि भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। लाभार्थियों का दावा है कि उनके नाम खतौनी में भी दर्ज हैं। आरोप है कि निहोरी गांव के कुछ दबंग लोगों ने पट्टे की जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसके चलते पट्टे आवंटित होने के वर्षों बाद भी लाभार्थियों को भूमि का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: सीलिंग का खौफ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उल्देपुर में जुटे कॉलोनी मालिक और खरीदार, अनिश्चितकालीन धरना शुरू 

विज्ञापन
विज्ञापन

पट्टे निरस्त होने की जानकारी से भी असमंजस
ग्रामीणों ने बताया कि पहले चरला और निहोरी गांव एक-दूसरे से सटे हुए थे और दोनों गांवों का ग्राम प्रधान भी संयुक्त था। अब पट्टे की जमीन को लेकर विवाद बना हुआ है। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन की ओर से पट्टे निरस्त किए जाने की जानकारी भी दी गई है, लेकिन उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

एसडीएम से नहीं हो सकी मुलाकात
शुक्रवार को मोहसिना, राजेश, समीना, राजो, रोशनी, गुलशन, बलबीरी, रिहाना और जगरोशनी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील पहुंचीं। महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि वे अपनी शिकायत लेकर एसडीएम से मिलने के लिए इंतजार करती रहीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम उनकी शिकायत सुने बिना ही गाड़ी में बैठकर तहसील से चले गए। इससे धरने पर बैठी महिलाओं में नाराजगी बढ़ गई।

निष्पक्ष जांच और कब्जा दिलाने की मांग
धरने पर बैठी महिलाओं और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पट्टों की वैधता और वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही पात्र लाभार्थियों को उनकी आवंटित कृषि भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग उठाई गई। उनका कहना है कि वर्षों पहले आवंटित जमीन का लाभ अब तक नहीं मिल सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed